चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Residents, Take Note! These Routes Have Been Closed, Traffic Jam Reported”) हिमाचल प्रदेश में लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की विभिन्न किसान, व्यापारी और ट्रांसपोर्टर संगठनों ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। सोमवार को हिमाचल से जुड़ने वाले 55 प्रमुख स्थानों पर 4 घंटे का चक्का जाम किया गया, जिससे आम लोगों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रोपड़-ढेरोवाल बैरियर सहित कई प्रमुख मार्गों पर टैक्सी यूनियन, ट्रक यूनियन और किसान संगठनों के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सभी वाहनों की आवाजाही रोक दी। इस दौरान केवल एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को ही आने-जाने की अनुमति दी गई।
‘हिमाचल एंट्री टैक्स विरोधी संघर्ष समिति’ की अगुवाई में चल रहे इस आंदोलन को पंजाब मोर्चा, कीर्ति किसान मोर्चा, शेर-ए-पंजाब किसान यूनियन और भारतीय किसान यूनियन (बहरामके) सहित कई संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाया गया एंट्री टैक्स असंवैधानिक है। उनका कहना है कि जब पूरा देश एक है तो एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश करने के लिए अलग से टैक्स लेना उचित नहीं है। नेताओं ने कहा कि इससे पहले भी कई बार सरकार के सामने अपनी मांगें रखी गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो यह संघर्ष और तेज किया जाएगा। वहीं, इस प्रदर्शन के कारण पंजाब-हिमाचल मार्गों पर लंबा जाम लग गया, जिससे हजारों यात्रियों और व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।



















