तरनतारन। राजवीर दीक्षित
(Three people from Punjab missing in Nepal floods; last contact was via video call) नेपाल में ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा के बीच पंजाब के तरनतारन जिले के तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें गांव रत्तोके निवासी शमशेर सिंह संधू, उनके साले भुपिंदर सिंह और साले का बेटा रशपाल सिंह शामिल हैं। तीनों नेपाल में काम के सिलसिले में रह रहे थे।
पावर प्रोजेक्ट में क्रेन ऑपरेटर थे शमशेर
परिवार के मुताबिक, शमशेर सिंह संधू नेपाल में एंड्रिट्ज कंपनी के त्रिशूल अपर पावर हाउस प्रोजेक्ट में क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम करते थे। उनके साथ उनके साले भुपिंदर सिंह और रशपाल सिंह भी नेपाल में मौजूद थे।
नेपाल में बाढ़ आने के बाद तीनों से अचानक संपर्क टूट गया। परिवार के सदस्य गुरजंट सिंह ने बताया कि 25 अगस्त को शमशेर सिंह से वीडियो कॉल पर आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद लगातार फोन करने के बावजूद कोई संपर्क नहीं हो पाया।
परिवार की बढ़ी चिंता, पंचायत ने मांगी मदद
तीनों के लापता होने की खबर के बाद परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गांव की पंचायत ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से मदद की मांग की है।
गांव की सरपंच शोभा कुमारी ने तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर को पत्र भेजकर भारतीय विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से नेपाल प्रशासन से संपर्क करने की मांग की है।
पंचायत ने अपील की है कि नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियान के जरिए तीनों की स्थिति का जल्द पता लगाया जाए। अगर वे किसी सुरक्षित स्थान पर हैं, तो इसकी जानकारी परिवार तक पहुंचाई जाए।
नेपाल-तिब्बत में आपदा से भारी नुकसान
बताया जा रहा है कि नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर टूटने, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने और लापता होने की खबर है। कई भारतीय नागरिक भी प्रभावित बताए जा रहे हैं।
ग्लेशियर टूटने का वीडियो आया सामने
इस बीच, घटना के करीब तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का एक वीडियो भी सामने आया है। टूर गाइड के एक समूह ने तिब्बत में ऊंचाई वाले क्षेत्र से इस घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया।
वीडियो में बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे घाटी की ओर गिरता दिखाई दे रहा है। इसके बाद इलाके में धूल, मलबे और पानी का तेज बहाव नजर आता है।
ग्रुप के नीचे पहुंचने पर रास्ते बंद मिले। बाद में उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद आई बाढ़ ने इलाके में भारी तबाही मचाई है।
परिवार को अब प्रशासन से उम्मीद
तीनों के परिजनों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि उनके अपनों की कोई जानकारी सामने नहीं आ रही है। परिवार और पंचायत ने प्रशासन से जल्द नेपाल सरकार तथा भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर लापता लोगों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज करने की मांग की है।


















