Home Chandigarh पंजाब विधानसभा में खनन और गुरु तेग बहादुर यूनिवर्सिटी से जुड़े दो...

पंजाब विधानसभा में खनन और गुरु तेग बहादुर यूनिवर्सिटी से जुड़े दो बड़े बिल हुए पास

चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित

पंजाब विधानसभा ने सोमवार को खनन और एक वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी की स्थापना से जुड़े दो अहम बिलों को मंजूरी दे दी। प्रस्तावित यूनिवर्सिटी का नाम श्री गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखा जाएगा।

खनन से जुड़े पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टॉकिस्ट्स एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026 को जल संसाधन एवं खनन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने पेश किया। इस दौरान अवैध खनन, राजस्व हानि और ग्रामीण सड़कों को हो रहे नुकसान का मुद्दा चर्चा में प्रमुख रहा।

इस बिल का उद्देश्य स्टोन क्रशर यूनिट्स और खनिज कारोबारियों पर निगरानी मजबूत करना, पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर रोक लगाना और राजस्व बढ़ाना है। इसके तहत सख्त रजिस्ट्रेशन नियम, अनिवार्य ऑनलाइन रिपोर्टिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डैमेज फीस और अवैध गतिविधियों पर कड़े जुर्माने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

बहस के दौरान विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि चुनाव के समय आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खनन से 20,000 करोड़ रुपये की आय का दावा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। उन्होंने राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने का आरोप लगाया।

इस पर मंत्री गोयल ने जवाब देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार का सहयोग मिलता तो खनन से 20,000 करोड़ रुपये सालाना आय संभव थी। उन्होंने यह भी कहा कि जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने पंजाब में पोटाश खनन के सर्वे से आगे काम नहीं किया।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिसे विपक्ष अवैध खनन कह रहा है, वह दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए 4.50 करोड़ क्यूबिक मीटर मिट्टी की अनुमति है, जो 3 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर की दर से दी जा रही है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि रोपड़ के एक एसडीओ द्वारा की गई शिकायत की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

वहीं, सदन ने श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी, पंजाब बिल 2026 को भी पास किया, जिसे शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पेश किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी में शुरू होने वाले कोर्स और सुविधाओं की जानकारी दी।

कांग्रेस की ओर से बाजवा ने इस बिल का समर्थन करते हुए परियोजना की लागत पर सवाल उठाए। चर्चा के बाद दोनों बिलों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

Translate »
error: Content is protected !!