दिल्ली | राजवीर दीक्षित
(Big Decision on Eid Prayers, To Be Offered Only Inside Mosques) संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से इस साल ईद-उल-फितर को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया है। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इस बार ईद की नमाज केवल मस्जिदों के अंदर ही अदा की जाएगी। खुले मैदानों और ईदगाहों में नमाज पढ़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
जनरल अथॉरिटी फॉर इस्लामिक अफेयर्स, एंडोमेंट्स एंड जकात ने यह निर्देश जारी करते हुए कहा कि दुबई, शारजाह सहित पूरे UAE में यह नियम लागू रहेगा। इस फैसले के पीछे क्षेत्र में चल रहे तनाव और संभावित सुरक्षा खतरों को मुख्य कारण बताया जा रहा है। खासतौर पर ईरान से ड्रोन हमलों की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन ने नमाजियों से अपील की है कि वे सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें और समय पर मस्जिदों में पहुंचें। साथ ही सार्वजनिक सड़कों या खुले स्थानों पर नमाज पढ़ने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
वहीं, ईद की तारीख को लेकर भी लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। UAE की चांद देखने वाली कमेटी रमजान के 29वें रोज यानी 18 मार्च को चांद देखने की कोशिश करेगी। यदि उस दिन शव्वाल का चांद नजर आ जाता है तो ईद 19 मार्च को मनाई जाएगी। वहीं, अगर चांद नहीं दिखता है तो 30 रोजे पूरे किए जाएंगे और ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी।
इस फैसले को सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, जो लोगों की जान-माल की हिफाजत को प्राथमिकता देता है।



















