चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित
(Strict Action on Misleading Drug Advertisements: Government Takes Major Step) भारत में वजन घटाने के लिए इस्तेमाल होने वाली GLP-1 आधारित दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू करते हुए दवा कंपनियों और सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी तेज कर दी है।
हाल ही में CDSCO ने देशभर में 49 संस्थाओं पर छापेमारी और निरीक्षण किया। इसमें ऑनलाइन फार्मेसी, थोक विक्रेता, रिटेल दुकानदार और वेलनेस क्लीनिक शामिल थे। जांच के दौरान कई जगहों पर नियमों के खिलाफ दवाओं की बिक्री और भ्रामक प्रचार गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई है कि कई जगहों पर ये दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना मेडिकल सलाह के इन दवाओं का उपयोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। GLP-1 आधारित दवाएं खास मेडिकल कंडीशंस के लिए बनाई गई हैं और इनका गलत इस्तेमाल खतरनाक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी साफ किया है कि ऐसी दवाओं का उपयोग केवल योग्य डॉक्टर की देखरेख में ही किया जाना चाहिए। इसके अलावा 10 मार्च 2026 को जारी एडवाइजरी में CDSCO ने दवा कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे भ्रामक और सरोगेट विज्ञापनों को तुरंत बंद करें।
सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना भी शामिल है। यह कदम न सिर्फ लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि दवा बाजार में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने के लिए भी अहम माना जा रहा है।



















