चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Chandigarh Blast: Is it a conspiracy to intimidate BJP leaders? Special Report) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया कि पार्टी के पंजाब कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा को यहां सेक्टर 37 स्थित उनके राज्य मुख्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले में निशाना बनाया गया।
पार्टी ने यह भी कहा कि शर्मा को पहले पठानकोट के एसएसपी द्वारा चेतावनी दी गई थी और विशेष खतरे की आशंका के चलते उन्हें अपनी सुबह की सैर रोकने के लिए कहा गया था।
पार्टी का यह भी दावा है कि यह हमला “भाजपा नेताओं को डराने” और 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में पार्टी के आधार के विस्तार को रोकने की कोशिश है।
यह हमला शाम 5 बजे के बाद हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति को ग्रेनेड फेंकते हुए देखा गया। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन दोपहिया वाहन और कुछ कारों सहित कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
यह घटना उस दिन हुई जब वरिष्ठ नेता पार्टी कार्यक्रम के लिए नई दिल्ली में मौजूद थे, जहां एचएस फूलका ने भाजपा जॉइन की।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अश्विनी शर्मा “खतरे में” थे। उन्होंने X पर पोस्ट में कहा कि शर्मा पिछले दो दिनों से कार्यालय में मौजूद थे और फिर एक राजनीतिक कार्यक्रम के लिए दिल्ली रवाना हुए।
सिंह ने कहा कि लगभग 15 दिन पहले भी शर्मा को पठानकोट के एसएसपी ने चेतावनी दी थी और सुबह की सैर रोकने को कहा था।
उन्होंने लिखा, “उस चेतावनी और आज के धमाके के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन इस संयोग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
सिंह ने कहा कि इस घटना ने “सुरक्षा, खुफिया समन्वय और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति” पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
डरेंगे नहीं: जाखड़
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ धमाके को पंजाब में हाल ही की घटनाओं की श्रृंखला से जोड़ा।
उन्होंने कहा, “पंजाब में पुलिस थानों पर लगातार ग्रेनेड हमले हो रहे हैं। हाल ही में भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को होशियारपुर में तोड़ा गया और आज चंडीगढ़ में भाजपा के राज्य स्तरीय कार्यालय पर हमला हुआ। ये घटनाएं राज्य की सांप्रदायिक सद्भावना को बिगाड़ने की कोशिश दर्शाती हैं।”
जाखड़ ने कहा कि इस तरह के हमले और धमकियां पार्टी को नहीं डराएंगी। “चाहे अलगाववादी ताकतें कितनी भी कोशिश करें, वे पंजाब की सांप्रदायिक एकता को नहीं तोड़ पाएंगी,” उन्होंने लिखा।
वारिंग ने की निंदा : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी इस घटना की निंदा की।
उन्होंने कहा, “यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है।”
वारिंग ने कहा कि यह “पूरी तरह खुफिया विफलता” को दर्शाता है, जिसकी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय पर आती है।
उन्होंने कहा, “अगर चंडीगढ़, जो पंजाब की राजधानी है और जहां दो राज्यपाल और दो मुख्यमंत्री रहते हैं, इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सुरक्षित नहीं है, तो बाकी पंजाब की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा, “हम ऐसे मामलों के प्रति शून्य सहनशीलता (zero tolerance) की नीति को दोहराते हैं।”



















