चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(“Auspicious Wedding Dates Begin from April 15 ) 14 अप्रैल 2026 के साथ ही खत्म हो रहा है खर्मास, और अब एक बार फिर देशभर में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार 15 अप्रैल से सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी, जिससे शादी-विवाह, गृह प्रवेश और नए कामों का सिलसिला तेज हो जाएगा।
पिछले एक महीने से खर्मास के कारण विवाह जैसे शुभ कार्यों पर रोक लगी हुई थी। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य देव मीन या धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तो इस अवधि को खर्मास कहा जाता है। इस दौरान सूर्य की स्थिति कमजोर मानी जाती है, इसलिए शादी या अन्य शुभ कार्य करने से बचा जाता है।
अब 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही यह स्थिति बदल जाएगी। इसे मेष संक्रांति कहा जाता है, और ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का मेष राशि में होना अत्यंत शुभ माना गया है। यही कारण है कि 15 अप्रैल से विवाह के लिए अनुकूल समय शुरू हो रहा है।
अगर साल 2026 के शुभ मुहूर्त की बात करें, तो इस साल कुल 57 शादी के मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो 2025 के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। अप्रैल में 15, 20 और 29 तारीख शुभ हैं। मई और जून में सबसे ज्यादा अवसर मिलेंगे, जबकि जुलाई में भी कुछ चुनिंदा तारीखें उपलब्ध हैं। नवंबर और दिसंबर में भी शादी के लिए अच्छे योग बन रहे हैं।
हालांकि अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में एक भी शुभ मुहूर्त नहीं है। ऐसे में जिन परिवारों में शादी की तैयारी चल रही है, उनके लिए मई और जून सबसे बेहतरीन समय साबित हो सकता है।



















