चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Death Inside Hospital!”) चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH-32) में एक युवा डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार 24 वर्षीय डॉ. योगेश, जो अस्पताल में पीजी जूनियर रेजिडेंट (JR) के रूप में कार्यरत थे, मंगलवार को अस्पताल परिसर के एक बाथरूम में गए थे। काफी समय तक बाहर न आने पर उनके सहकर्मियों और अस्पताल स्टाफ को चिंता हुई। कई बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
स्थिति गंभीर होने पर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां डॉ. योगेश बेसुध अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की खबर मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
मामले की सूचना मिलते ही थाना-34 पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच के दौरान घटनास्थल से पोटेशियम क्लोराइड के इंजेक्शन बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इंजेक्शन के इस्तेमाल का संबंध मौत से हो सकता है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मृतक डॉक्टर के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
यह घटना एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पूरे मामले पर सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।



















