चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“ED Action Storm”) पंजाब की राजनीति में इस समय बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है। आम आदमी पार्टी के मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब ईडी की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा कार्रवाई में ईडी ने पंजाब के कई बड़े अधिकारियों, कारोबारी सहयोगियों और GMADA से जुड़े अफसरों को तलब किया है। इस पूरे मामले ने पंजाब की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
जानकारी के मुताबिक, ईडी ने PSPCL के CMD बसंत गर्ग (IAS), पावरकॉम के डायरेक्टर हरशरण कौर ग्रेवाल, GMADA के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप सिंह समेत कई लोगों को रिकॉर्ड सहित पेश होने के आदेश दिए हैं। वहीं कारोबारी हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल को भी जांच एजेंसी ने समन भेजा है। आरोप है कि कुछ कंपनियों को नियमों के खिलाफ फायदा पहुंचाया गया और करोड़ों रुपये के लेनदेन में गड़बड़ियां हुईं।
मामले की शुरुआत कथित फर्जी एक्सपोर्ट, शेल कंपनियों और गलत GST इनपुट टैक्स क्रेडिट से हुई थी। ईडी को शक है कि कई वित्तीय लेनदेन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क तैयार किया गया। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से कंपनियों को आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।
संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भी कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। AAP इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना बता रही है, जबकि विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करार दे रहा है।
अब सबकी नजर ईडी की अगली कार्रवाई पर टिकी है, क्योंकि यह मामला आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में और बड़ा विस्फोट कर सकता है।



















