Home Chandigarh अगर घर की रजिस्ट्री के कागज़ खो जाएं तो क्या होगा?

अगर घर की रजिस्ट्री के कागज़ खो जाएं तो क्या होगा?

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(“What will happen if the property registration papers of the house get lost?”) आज के समय में जमीन और मकान से जुड़े विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रॉपर्टी के असली दस्तावेज ही मालिकाना हक का सबसे बड़ा और मजबूत सबूत माने जाते हैं। लेकिन अगर किसी कारणवश घर की रजिस्ट्री, सेल डीड या अन्य जरूरी कागजात खो जाएं या चोरी हो जाएं, तो लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि राहत की बात यह है कि कानून में इसके लिए पूरी प्रक्रिया तय की गई है, जिसके जरिए आप आसानी से डुप्लीकेट दस्तावेज बनवा सकते हैं।

सबसे पहला और जरूरी कदम है नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाना। यह FIR इस बात का कानूनी प्रमाण होती है कि आपके दस्तावेज वास्तव में गुम हो गए हैं। शिकायत दर्ज करवाने के बाद उसकी कॉपी संभालकर रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ती है।

इसके बाद आपको सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में लिखित सूचना देनी होती है कि कौन-कौन से दस्तावेज खो गए हैं। साथ ही स्टांप पेपर पर एक अंडरटेकिंग भी तैयार करवाई जाती है, जिसमें प्रॉपर्टी का पूरा विवरण, मालिक का नाम और गुम हुए दस्तावेजों की जानकारी दी जाती है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत अखबार में नोटिस प्रकाशित करवाना भी अनिवार्य माना जाता है। इसका मकसद लोगों को सूचना देना होता है ताकि कोई व्यक्ति उन दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल न कर सके।

जब ये सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाती हैं, तब रजिस्ट्रार ऑफिस में डुप्लीकेट सेल डीड के लिए आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ FIR की कॉपी, अखबार में प्रकाशित नोटिस, नोटरी से सत्यापित अंडरटेकिंग और जरूरी फीस जमा करनी पड़ती है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद विभाग की ओर से आपके नाम पर डुप्लीकेट प्रॉपर्टी डीड जारी कर दी जाती है।

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