चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Relief for Diabetes Patients: Daily Insulin Injections May Soon Be a Thing of the Past “) डायबिटीज (शुगर) दुनिया की सबसे गंभीर और तेजी से बढ़ती बीमारियों में से एक है। भारत में भी करोड़ों लोग टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे हैं और उन्हें ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन लेना पड़ता है। ऐसे में मरीजों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है।
प्रसिद्ध फार्मास्यूटिकल कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में दुनिया का पहला ऐसा बेसल इंसुलिन ‘Awiqli’ लॉन्च किया है, जिसे सप्ताह में केवल एक बार लगाने की जरूरत होगी। यह नई तकनीक डायबिटीज के इलाज में एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है, क्योंकि अब मरीजों को हर दिन इंसुलिन इंजेक्शन लेने की परेशानी से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह इंसुलिन शरीर में धीरे-धीरे प्रभाव दिखाता है और पूरे सात दिनों तक ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। क्लिनिकल ट्रायल में इसे सुरक्षा और प्रभावशीलता के मामले में रोजाना लगाए जाने वाले बेसल इंसुलिन के बराबर पाया गया है। खास तौर पर उन मरीजों के लिए यह विकल्प काफी लाभदायक माना जा रहा है, जो अक्सर अपनी दैनिक इंसुलिन डोज लेना भूल जाते हैं या रोज इंजेक्शन लगवाने से परेशान रहते हैं।
भारत को लंबे समय से दुनिया की “डायबिटीज कैपिटल” कहा जाता है। ऐसे में इस नई दवा के आने से लाखों मरीजों की जीवनशैली बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार इसे उपयुक्त मानते हैं, तो उन्हें पूरे साल में रोजाना इंजेक्शन की बजाय केवल 52 इंजेक्शन लेने होंगे।
हालांकि, विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी मौजूदा इंसुलिन या दवा में कोई बदलाव न करें। नई दवा का उपयोग भी चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही किया जाना चाहिए।



















