चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Shortage of ₹10 and ₹20 Notes in Punjab, Burden of Unwanted Expenses Increases on Common People”) पंजाब में छोटे मूल्य के करंसी नोटों, खासकर 10 और 20 रुपये के नोटों की लगातार कमी अब आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। रोजमर्रा के लेन-देन में इन नोटों की अनुपलब्धता के कारण छोटे दुकानदारों, ऑटो रिक्शा चालकों, सब्जी विक्रेताओं और ग्रामीण इलाकों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में 100, 200 और 500 रुपये के नोट तो आसानी से मिल रहे हैं, लेकिन छुट्टे पैसे की कमी ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इलाके के लोगों का कहना है कि खरीदारी के बाद दुकानदारों के पास लौटाने के लिए 10 और 20 रुपये के नोट नहीं होते, जिससे ग्राहकों को मजबूरी में जरूरत से ज्यादा सामान खरीदना पड़ता है। इस समस्या का असर छोटे व्यापारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई दुकानदार अब उधार पर सामान देने को मजबूर हैं, जिससे आर्थिक असंतुलन की स्थिति पैदा हो रही है।
मनजीत सिंह मोटे माजरा, हरमनजीत सिंह शंभू कलां, कुलवंत सिंह नडियाली, डॉ. भुपिंदर सिंह मनौली सूरत, धर्मवीर शैली झिऊरमजारा, सरपंच ठेकेदार पप्पी कराली और दलजीत सिंह बिल्लू मोही सहित कई लोगों ने बताया कि बैंकों और एटीएम से छोटे नोटों की सप्लाई लगभग बंद हो चुकी है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह संकट लगातार गहराता जा रहा है।
लोगों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि छोटे नोटों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सीबीआई जांच करवाई जाए। आरोप है कि बाजार में 10 और 20 रुपये के नए नोट भारी कमीशन पर बेचे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आम जनता की परेशानियां और ज्यादा बढ़ सकती हैं।



















