Home Chandigarh CBSE OSM विवाद: चेयरमैन-सचिव हटाए गए, जांच के आदेश

CBSE OSM विवाद: चेयरमैन-सचिव हटाए गए, जांच के आदेश

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(“CBSE OSM Controversy”) CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों को लेकर शुरू हुआ OSM (ऑन स्क्रीन मार्किंग) विवाद अब बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बन गया है। केंद्र सरकार ने CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। साथ ही OSM सेवा के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस फैसले ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा मूल्यांकन की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

विवाद तब शुरू हुआ जब कई छात्रों ने अपने अंकों में गड़बड़ी की शिकायत की। इस वर्ष पहली बार CBSE ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए OSM प्रणाली का बड़े स्तर पर उपयोग किया था। छात्रों का आरोप है कि इस नई व्यवस्था में कई तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी खामियां थीं, जिससे परिणाम प्रभावित हुए। रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत और दिल्ली के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। सार्थक ने दावा किया कि OSM प्रणाली और टेंडर प्रक्रिया में कम से कम 15 गंभीर खामियां हैं।

मामला तब और गंभीर हो गया जब संसद की स्थायी समिति के सामने छात्रों को अपनी बात रखने का अवसर मिला। वहीं CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की खबर भी सामने आई। बोर्ड के अनुसार कुछ ही मिनटों में लाखों एक्सेस प्रयास हुए, हालांकि पोर्टल को चालू रखा गया और हजारों छात्रों ने आवेदन भी किए।

जांच के दायरे में COEMPT कंपनी की भूमिका भी है, जिसे OSM सेवा का ठेका मिला था। इस कंपनी पर पहले भी डिजिटल मूल्यांकन से जुड़े विवादों के आरोप लग चुके हैं। अब शिक्षा मंत्रालय, संसदीय समिति और जांच एजेंसियों की नजर पूरे मामले पर है।

आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट यह तय करेगी कि OSM प्रणाली में वास्तव में तकनीकी खामियां थीं या नहीं, लेकिन फिलहाल यह मामला देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

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