चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Encounter Death Sparks Controversy”) जालंधर के मेहतपुर क्षेत्र में देर रात हुए एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मृतक की पहचान लवप्रीत सिंह उर्फ लवी के रूप में हुई है, जो पहले से कई मामलों में वांछित बताया जा रहा था। घटना को लेकर पुलिस और परिवार के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, जिससे मामला और भी विवादित हो गया है।
पुलिस के अनुसार उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि लवप्रीत अपने घर आया हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने भागने की कोशिश की और उसे पकड़ने के दौरान हाथापाई शुरू हो गई। इसी बीच आरोपी के परिजन और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि भीड़ ने पुलिस पार्टी पर हमला किया और एक अज्ञात व्यक्ति ने गोली चला दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें लवप्रीत घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस की कहानी को पूरी तरह खारिज कर दिया है। परिवार का आरोप है कि लवप्रीत उस समय बाथरूम में था और बाहर आने पर पुलिसकर्मियों ने पीछे से गोली मार दी। परिजनों का कहना है कि यह कोई क्रॉस फायरिंग नहीं थी, बल्कि पुलिस की सीधी कार्रवाई थी, जिसके कारण युवक की जान गई।
एसएसपी ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि लवप्रीत के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और अन्य मामलों सहित कई केस दर्ज थे। घटना के बाद पुलिस ने मृतक की मां, बहन समेत कई लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, हमला करने और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।



















