चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Board Takes Major Decision Regarding Class 8, 10 and 12 Examinations, Significant Changes Introduced”) पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जो 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के लाखों विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। बोर्ड ने वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों का पैटर्न बदलते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल किताबों के अभ्यास प्रश्न याद करके अच्छे अंक हासिल करना आसान नहीं होगा।
बोर्ड द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब प्रश्न-पत्रों में 50 प्रतिशत प्रश्न पाठ्यपुस्तकों के अध्यायों के भीतर मौजूद विषय-वस्तु से पूछे जाएंगे। यानी छात्रों को पूरे अध्याय को गहराई से पढ़ना और समझना होगा। केवल अंत में दिए गए अभ्यास प्रश्नों को याद करने से काम नहीं चलेगा। वहीं शेष 50 प्रतिशत प्रश्न ही अभ्यास या प्रश्न-बैंक से लिए जाएंगे।
PSEB का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों की “कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग” यानी विषय की वास्तविक समझ को मजबूत करना है। बोर्ड चाहता है कि विद्यार्थी रटने की बजाय विषय को समझकर सीखें और उसका व्यावहारिक उपयोग कर सकें। शिक्षा विशेषज्ञ भी लंबे समय से इस तरह के बदलाव की मांग कर रहे थे ताकि परीक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी और ज्ञान आधारित बन सके।
इस निर्णय को लागू करने के लिए बोर्ड के उप सचिव (अकादमिक) ने पंजाब के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी संबंधित शिक्षकों तक यह जानकारी तुरंत पहुंचाएं और छात्रों को नए पैटर्न के अनुसार तैयारी करवाना शुरू करें।
इस नए नियम के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए चुनौती बढ़ गई है, लेकिन इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। अब बोर्ड परीक्षाओं में सफलता के लिए समझ आधारित पढ़ाई सबसे अहम होगी।



















