चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Punjab Govt’s Big Move on DA Arrears: High Court Order to Be Challenged in Supreme Court!)पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार को 7.5 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों का लंबित महंगाई भत्ता (DA) बकाया जारी करने का आदेश दिए जाने के एक दिन बाद, आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसकी कानूनी टीम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील सहित सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संविधान और कानून के अनुसार वैध सभी बकायों का भुगतान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यदि हाईकोर्ट के आदेश को पूरी तरह लागू किया जाता है तो राज्य के खजाने पर करीब 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अदालत के आदेश में कुछ संवैधानिक मानकों और न्यायिक मिसालों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस फैसले से हैरान है क्योंकि राज्य पहले से ही हाईकोर्ट द्वारा स्वीकृत 14,191 करोड़ रुपये के भुगतान की लिक्विडेशन योजना के तहत बकाया राशि का भुगतान कर रहा है।
चीमा ने दावा किया कि पंजाब सरकार देश में सबसे बेहतर वेतनमान देने वाले राज्यों में शामिल है और कई श्रेणियों में केंद्र सरकार से भी अधिक वेतन दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 2016 में छठे पंजाब वेतन आयोग की घोषणा के समय अकाली दल-भाजपा सरकार सत्ता में थी, लेकिन उसने इसे लागू नहीं किया।
बाद में 2021 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस सरकार ने वेतन आयोग लागू किया, लेकिन जनवरी 2016 से जुलाई 2021 तक के DA बकाया को फ्रीज कर दिया और केवल संशोधित वेतनमान लागू किए।
वित्त मंत्री के अनुसार, इसी फैसले के कारण 14,191 करोड़ रुपये की देनदारी बनी। इसके बाद कर्मचारियों ने अदालत का रुख किया और सत्ता में आने के बाद AAP सरकार ने बकाया भुगतान के लिए चरणबद्ध योजना पेश की।
उन्होंने बताया कि 2024-25 में 85 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनरों, 2025-26 में 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों का बकाया चुकाया गया। चालू वित्त वर्ष में शेष पेंशनरों और कर्मचारियों का भुगतान शुरू कर दिया गया है और अब तक करीब 6,000 करो रुपये जारी किए जा चुके हैं।
चीमा ने कहा कि सरकार ने हाईकोर्ट को यह भी बताया था कि पंजाब या तो वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार अधिक वेतन दे सकता है या फिर केंद्र के पैटर्न पर अधिक DA दे सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने फैसला किया था कि नई भर्तियां केंद्रीय वेतन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएंगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारी कर्ज का बोझ विरासत में मिलने के बावजूद AAP सरकार राज्य की सभी वित्तीय देनदारियों का पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।



















