चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Strict Action Against Uninsured Vehicles! No Petrol, Diesel or CNG Without Valid Insurance)भारत की सड़कों पर करीब 56% वाहन बिना वैध इंश्योरेंस के चल रहे हैं। इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जाए, जिसके तहत वैध वाहन बीमा (इंश्योरेंस) नहीं होने पर पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से इनकार किया जा सके।
न्यायमूर्ति संजय करोल और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि देश में 30.48 करोड़ वाहनों में से लगभग 16.54 करोड़ वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं।
इससे सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को मिलने वाला कानूनी मुआवजा अक्सर देर से मिलता है या कई मामलों में नहीं मिल पाता।
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि 2024 में 4,87,705, 2023 में 4,80,583 और 2022 में 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो समस्या की गंभीरता को दर्शाती हैं।
अदालत ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रत्येक वाहन के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है, लेकिन बड़ी संख्या में वाहन मालिक इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि चुनिंदा मार्गों पर एक पायलट परियोजना शुरू की जाए, जिसमें टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने के बजाय ऑटोमैटिक सिस्टम से उनकी पहचान की जाए और बिना वैध बीमा वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन न दिया जाए।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अब से नई कारों के लिए 4 वर्ष और नई दोपहिया वाहनों के लिए 6 वर्ष का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य होगा। इसके लिए बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) को तुरंत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है।
यह आदेश तेलंगाना हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखते हुए दिया गया, जिसमें सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिवार को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि 2018 के एस. राजशेखरन बनाम भारत संघ मामले में नई कारों के लिए 3 वर्ष और दोपहिया वाहनों के लिए 5 वर्ष का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य किया गया था।
हालांकि, आठ वर्ष बाद भी बड़ी संख्या में वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं, इसलिए सड़क सुरक्षा के हित में इस अवधि को एक वर्ष बढ़ाना आवश्यक है।
अदालत ने सभी बीमा कंपनियों को भी निर्देश दिया कि वे अपनी वेबसाइटों पर समग्र (कॉम्प्रिहेंसिव) मोटर बीमा के लाभ सरल और स्पष्ट भाषा में प्रदर्शित करें।



















