चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Minister Harjot Bains Admits 31,370 Teacher Posts Vacant in Punjab Government Schools)पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में विभिन्न श्रेणियों के 31,370 शिक्षकों के पद खाली हैं। यह जानकारी उन्होंने कांग्रेस विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के सवाल के जवाब में सदन में दी।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि सबसे अधिक 20,378 पद मास्टर कैडर (कक्षा 6 से 10) में रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि इन पदों पर भर्ती और पदोन्नति अदालत में लंबित मामले के कारण रुकी हुई थी, लेकिन अब कानूनी अड़चन दूर हो गई है। सरकार जल्द ही पदोन्नति और नई भर्ती के जरिए इन पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करेगी और लगभग 90% पद भरने का लक्ष्य है।
सदन में पेश आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक कैडर में 7,259 पद खाली हैं। इनमें 4,627 ETT शिक्षक, 657 हेड टीचर, 221 सेंट्रल हेड टीचर और 1,754 स्पेशल एजुकेटर के पद शामिल हैं।
वहीं लेक्चरर (कक्षा 11 और 12) श्रेणी में स्वीकृत 14,130 पदों में से 3,733 पद अभी भी खाली हैं।
इस बीच डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री का बयान ही तथाकथित “शिक्षा क्रांति” की वास्तविक स्थिति उजागर करता है।
DTF के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमदेव सिंह और महासचिव महिंदर कौरवाली ने कहा कि राज्य के 1,927 माध्यमिक स्कूलों में 1,100 से अधिक प्रिंसिपलों के पद खाली हैं, जो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि 20,378 मास्टर कैडर पद खाली होने के बावजूद लगभग 30,000 शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जा रहे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण सरकारी स्कूलों में आए कई छात्र फिर से निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं।
DTF ने राज्य सरकार से शिक्षा विभाग में सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण रिक्त पदों पर जल्द भर्ती अभियान चलाने की मांग की है।



















