चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Punjab MBBS Fees Hike: Private Colleges Costlier by 17.4%) पंजाब में MBBS करने का सपना देख रहे हजारों छात्रों और उनके परिवारों के लिए इस साल मेडिकल शिक्षा का खर्च काफी बढ़ गया है। राज्य में MBBS कोर्स की फीस में बड़ा इजाफा किया गया है। नई फीस संरचना के तहत निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस करीब 17.4% तक, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लगभग 8.5% बढ़ी है। यह संशोधित शुल्क राज्य की कुल 1,800 MBBS सीटों पर लागू होगा।

पंजाब के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 900 सीटें हैं, जबकि सात निजी मेडिकल संस्थानों में 900 सीटें उपलब्ध हैं। सबसे ज्यादा असर निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों पर पड़ेगा।
निजी मेडिकल कॉलेजों में 50% सरकारी कोटा सीटों के लिए पूरे MBBS कोर्स की ट्यूशन फीस अब 25.22 लाख रुपये हो गई है, जो पहले 21.48 लाख रुपये थी। यानी कुल फीस में 3.74 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पहले वर्ष की फीस 4.06 लाख से बढ़कर 4.69 लाख रुपये हो गई है। इसके बाद दूसरे वर्ष में 5.16 लाख, तीसरे वर्ष में 5.68 लाख, चौथे वर्ष में 6.25 लाख और अंतिम छह महीने के लिए 3.44 लाख रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
वहीं, निजी कॉलेजों की 35% मैनेजमेंट कोटा सीटों पर फीस और भी ज्यादा है। पूरे कोर्स की फीस अब 64.71 लाख रुपये पहुंच गई है, जो पहले 55.25 लाख रुपये थी। यानी छात्रों को 9.46 लाख रुपये अतिरिक्त देने होंगे। पहले वर्ष की फीस 10.42 लाख से बढ़कर 12.06 लाख रुपये हो गई है।
सरकारी और मैनेजमेंट कोटा के बीच फीस का अंतर भी बेहद बड़ा है। समान निजी कॉलेज में मैनेजमेंट कोटा से MBBS करने वाले छात्र को पूरे कोर्स में सरकारी कोटा वाले छात्र की तुलना में करीब 39.49 लाख रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि तुलनात्मक रूप से कम है। पांच सरकारी कॉलेजों में 5.5 साल के MBBS कोर्स की कुल फीस अब 10.83 लाख रुपये है, जो पहले 9.98 लाख रुपये थी। यानी कुल 85,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आंकड़े केवल ट्यूशन फीस से संबंधित हैं। हॉस्टल, सिक्योरिटी डिपॉजिट, मेस, परीक्षा शुल्क और विश्वविद्यालय की वार्षिक रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान छात्रों को अलग से करना होगा। ऐसे में पंजाब में MBBS की पढ़ाई का वास्तविक खर्च इससे काफी अधिक हो सकता है।



















