चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“₹11.5 Lakh Fraud: Travel Agent Dupes Farmer Using Fake Documents “) जालंधर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। फगवाड़ा निवासी किसान दरबार सिंह के परिवार ने अपने बेटे को उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजने का सपना देखा था। परिवार के पास करीब 32 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और लोन की व्यवस्था थी, लेकिन कथित तौर पर एक ट्रैवल एजेंट ने फर्जी दस्तावेज और झूठी प्रक्रिया दिखाकर परिवार से करीब 11.5 लाख रुपये ऐंठ लिए।

आरोप है कि एजेंट ने प्रोसेसिंग और कागजी कार्रवाई के नाम पर रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवाई और जल्द वीजा लगवाने का भरोसा दिया। कई महीनों तक परिवार को तारीख पर तारीख मिलती रही। करीब 6 महीने से एक साल तक इंतजार के बावजूद जब वीजा नहीं आया, तो परिवार ने पैसे वापस मांगने शुरू किए।
बताया गया कि 28 तारीख को रकम लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन तय समय आने पर एजेंट ने कथित तौर पर अपने दफ्तर में ताला लगाया और फरार हो गया। परिवार को फोन पर दिल्ली में होने की बात बताई गई, जबकि उसकी लाइव लोकेशन जालंधर के मॉल रोड की सामने आई।
मामले के बाद किसानों में भारी रोष देखने को मिला। भारतीय किसान यूनियन (एकता/कादियां) के नेताओं और समर्थकों ने एजेंट के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रशासन से ठगी की रकम वापस दिलाने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर पीड़ित परिवार को पूरा पैसा वापस नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि किसानों की मेहनत की कमाई के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



















