चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Punjab Assembly Clears Bill to Shift 28,000 Outsourced Staff) पंजाब विधानसभा में आज 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। सदन ने सर्वसम्मति से Punjab State Outsourced Personnel (Transition to Contractual Engagement) Bill, 2026 को मंजूरी दे दी। इस बिल के पास होने के बाद राज्य के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट आधारित रोजगार व्यवस्था में लाने का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, सरकार ने दूसरा महत्वपूर्ण बिल Punjab State Contractual Personnel Bill फिलहाल विधानसभा में पेश नहीं किया। यह बिल कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने से जुड़ा बताया जा रहा था। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित बिल पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरा बिल बाद में लाया जाएगा, लेकिन इसे अभी पेश नहीं किए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया।
इससे पहले मई 2026 में पंजाब कैबिनेट ने दोनों प्रस्तावों को Ordinance के रूप में मंजूरी दी थी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उस समय सरकार की मंशा बताते हुए कहा था कि राज्य में कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स रोजगार की मौजूदा व्यवस्था को खत्म कर कर्मचारियों को नियमित रोजगार की ओर ले जाने की कोशिश की जाएगी। सरकार ने करीब 65,000 कर्मचारियों को नियमित रोजगार के दायरे में लाने का लक्ष्य भी बताया था।
दोनों Ordinances को मंजूरी के लिए पंजाब के राज्यपाल के पास भेजा गया था। हालांकि, राज्यपाल की ओर से सरकार से इन्हें विधानसभा में कानून के रूप में पेश करने को कहा गया। इसके बाद पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में केवल आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित Bill को विधानसभा में लाने की मंजूरी दी गई।
विधानसभा में Bill पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि Group C और Group D के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को Contractual Employment के तहत लाया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें Provident Fund (PF), Employees’ State Insurance (ESI) और Gratuity जैसे लाभ मिलने का रास्ता भी साफ होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए काम करने वाली विभिन्न कंपनियों के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों के शोषण की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनके मुताबिक, कई कर्मचारियों के पास पर्याप्त सेवा सुरक्षा नहीं थी और उन्हें बिना नोटिस नौकरी से हटाया जा सकता था। सरकार ने इसी व्यवस्था को बदलने का फैसला किया है।
बिल के सर्वसम्मति से पास होने को आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, नियमितीकरण से जुड़ा दूसरा Bill कब विधानसभा में आएगा, इस पर अभी सरकार की ओर से स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है।



















