ऊना । राजवीर दीक्षित
Una’s Nitin Jaswal Achieves Remarkable Feat! Set to Become a Lieutenant in the Indian Army, Secures 44th Rank Nationwide हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के सलोह गांव के 23 वर्षीय नितिन जसवाल ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व कर रहा है। नितिन ने भारतीय सेना के SSC Technical Course-67 की परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है। सबसे खास बात यह है कि जारी हुई मेरिट सूची में नितिन ने Computer Science ट्रेड में देशभर में 44वां स्थान हासिल किया है। इससे उनके भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना अब साकार होने की दिशा में है। नितिन ने Selection Centre North, Jalandhar में SSB इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास किया। अब उन्हें OTA गया में एक वर्ष का कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा करना होगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अगले वर्ष वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर सेवाएं देंगे।
बचपन से था सेना में जाने का सपना
नितिन की कहानी सिर्फ एक परीक्षा में सफलता की नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण की कहानी है। बचपन से ही उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने का था। इसी लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने निजी नौकरी तक छोड़ दी और पूरी तरह रक्षा सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए।
नितिन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा DAV Centenary Public Senior Secondary School, Una से की। वर्ष 2019 में उन्होंने 10वीं कक्षा 82 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। इसके बाद 2021 में हिम अकादमी हमीरपुर से नॉन-मेडिकल में जमा दो की परीक्षा 85 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में B.Tech किया और 2025 में डिग्री पूरी की।
अच्छी नौकरी छोड़ी, सपने को चुना B.Tech के बाद नितिन का चयन बेंगलुरु में LG Group में आकर्षक पैकेज पर हुआ। लेकिन उनके दिल में सेना की वर्दी पहनने का सपना इससे कहीं बड़ा था। कुछ समय नौकरी करने के बाद उन्होंने इसे छोड़ दिया और घर लौटकर रक्षा सेवाओं की परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।
लगातार मेहनत का परिणाम यह रहा कि नितिन ने भारतीय सेना के SSC Technical Course- 67 के साथ भारतीय नौसेना की SSC Technical परीक्षा भी सफलतापूर्वक पास कर ली। उनकी उपलब्धियों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। नितिन ने इसी वर्ष CDS 2026 की लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण की है और जल्द ही एक बार फिर SSB में शामिल होंगे। इसके अलावा उन्होंने AFCAT और Coast Guard की परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक पास की हैं। परिवार में भी है सेना की परंपरा
नितिन के परिवार का सेना से पुराना रिश्ता रहा है। उनके परदादा स्वर्गीय नसीब सिंह भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। वहीं उनके पिता सुनील ठाकुर ने भी भारतीय सेना में करीब 20 वर्षों तक सेवा की और हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में वह हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में हरोली में ग्रामीण राजस्व अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
नितिन की मां रेणु ठाकुर गृहिणी हैं
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय नितिन ने अपने माता-पिता, परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों को दिया है। वह अपनी सफलता को भगवान का आशीर्वाद भी मानते हैं।
सलोह के इस युवा ने दिखा दिया कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत लगातार हो और हौसला अडिग हो, तो मंजिल कितनी भी बड़ी क्यों न हो— उसे हासिल किया जा सकता है। अब पूरे ऊना की निगाहें उस दिन पर हैं, जब नितिन जसवाल भारतीय सेना की वर्दी में लेफ्टिनेंट बनकर देश सेवा की शपथ लेंगे।



















