हिमाचल । राजवीर दीक्षित
(National Lok Adalat to be held in Himachal; 75,000 cases to be heard)हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश के सभी न्यायालयों में लोक अदालत की कार्यवाही होगी और विभिन्न मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एवं मुख्य संरक्षक, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया के संरक्षण में किया जा रहा है। वहीं, हाई कोर्ट के न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर इसके लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इस पहल से ऐसे मामलों के पक्षकारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका समाधान आपसी सहमति से संभव है। लोक अदालत के माध्यम से विवादों का त्वरित और सरल समाधान करने पर जोर दिया जाता है।
कोर्ट में चालान निपटारे की प्रक्रिया हुई डिजिटल
मोटर वाहन चालान मामलों को लेकर लोगों के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। ट्रैफिक मजिस्ट्रेट के न्यायालयों में ई-चालान के माध्यम से कंपाउंडिंग शुल्क जमा किया जा सकेगा। डिजिटल भुगतान की यह व्यवस्था चालान मामलों के त्वरित निपटारे की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 75 हजार मामलों के निपटारे की तैयारी
राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए विभिन्न अदालतों ने अब तक करीब 75,000 मामलों की पहचान कर ली है। इन मामलों को लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति और सुलह के आधार पर निपटाने का प्रयास किया जाएगा। लंबित मामलों के पक्षकारों के लिए यह अपने विवाद को जल्दी और सरल तरीके से खत्म करने का बेहतर अवसर होगा। लोग लोक अदालत में पहुंचकर अपने मामलों का निपटारा करा सकते हैं, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए लंबित मामलों की पहचान और उनके त्वरित निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से सभी बार संघों, बीमा कंपनियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों व संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। बैठकों में अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने और पक्षकारों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में रणनीति तैयार की जा रही है।
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