मंडी । राजवीर दीक्षित
(Water and sewerage system in Mandi to be revamped; Deputy CM makes major announcement)हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने मंडी शहर की पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से आधुनिक बनाने की घोषणा की है। इसके तहत ‘हिम जलदूत मंडी’ मोबाइल ऐप सितंबर में लॉन्च किया जाएगा।
अग्निहोत्री ने बताया कि हिमाचल में पानी की सप्लाई को अब तकनीक से स्मार्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। सरकार का फोकस लोगों को साफ पानी देने के साथ-साथ पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर है। नया ऐप मंडी नगर निगम के 13 वार्डों में करीब 10,900 उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा।
मंडी में जल शक्ति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने जिले की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जनता की शिकायतों का त्वरित निपटारा करने को सरकार की प्राथमिकता बताया।
पानी से जुड़ी समस्याओं और जानकारियों के लिए अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं होगी। यह ऐप सप्लाई शेड्यूल, पानी की गुणवत्ता, लीकेज, सीवरेज और शिकायतों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाएगा। वहीं, लाइव वाटर क्वालिटी फीचर के जरिए ग्राहक घर बैठे पानी में क्लोरीन, pH और टर्बिडिटी का स्तर भी जान सकेंगे।
अब पानी की सप्लाई से जुड़ी हर जरूरी जानकारी सीधे मोबाइल पर मिलेगी। पाइपलाइन टूटने या लीकेज जैसी समस्या होने पर फोटो और लोकेशन के साथ ऐप से शिकायत की जा सकेगी। खास बात यह है कि शिकायत के समाधान तक उसका स्टेटस भी लाइव ट्रैक किया जा सकेगा
यह डिजिटल सिस्टम वरिष्ठ अधिकारियों को स्टोरेज टैंक में पानी की उपलब्धता पर नजर रखने में मदद करेगा। साथ ही, वॉटर गार्ड्स की गतिविधियों को भी डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा सकेगा। ऐप वॉटर गार्ड और संबंधित स्लुइस वॉल्व की जियो-लोकेशन का स्वतः सत्यापन करेगा। लोकेशन सही पाए जाने के बाद ही वॉल्व खोलने की स्थिति दर्ज की जा सकेगी। वहीं, इलाके में पानी छोड़े जाने पर उपभोक्ताओं को तुरंत नोटिफिकेशन मिलेगा।
जल शक्ति विभाग के मुताबिक, इस डिजिटल सिस्टम में धंगु-सिधार और कंगनी-धार जल स्रोतों को शामिल किया जाएगा। ये दोनों स्रोत मंडी शहर के करीब 20 पानी के टैंकों को सप्लाई देते हैं। खास बात यह है कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले नागरिक भी ‘गेस्ट यूज़र’ के रूप में ऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके जरिए वे सार्वजनिक स्थानों पर पानी की बर्बादी, पाइपलाइन लीक और सीवरेज संबंधी समस्याओं की फोटो व लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे। अग्निहोत्री ने कहा कि भविष्य में यह सिस्टम प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी मॉडल बन सकता है।


















