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डगशाई स्कूल रैगिंग केस में बड़ी कार्रवाई, 5 सीनियर छात्र सस्पेंड; पुलिस ने दर्ज की FIR

सोलन । राजवीर दीक्षित

(Major action in Dagshai school ragging case: 5 senior students suspended; police register FIR)हिमाचल के सोलन के डगशाई पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में जूनियर छात्र के साथ कथित रैगिंग और मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है। नौवीं कक्षा के छात्र को कथित तौर पर पीटने और धमकाने के आरोप में पांच नाबालिग सीनियर छात्रों के खिलाफ धर्मपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। स्कूल ने भी कार्रवाई करते हुए पांचों को निलंबित कर दिया है।
छात्रों के बीच मारपीट का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में एक छात्र दूसरे को थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली और कई अभिभावक स्कूल पहुंच गए। उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर लंबे समय से रोक नहीं लग पाई है। बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावकों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

स्कूल में विवाद के बाद अभिभावकों ने उठाया बड़ा कदम

जगाधरी क्षेत्र में कुछ अभिभावकों ने बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने का फैसला लिया है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन से ट्रांसफर सर्टिफिकेट मांगे गए हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि कुछ सीनियर उनसे पैसे की मांग करते थे, जिससे वे परेशान थे।

हॉस्टल में सीनियर छात्रों की दबंगई! 4 महीने से सह रहे थे जूनियर

अभिभावकों ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि 11वीं और 12वीं के पांच छात्र पिछले करीब चार महीने से जूनियर छात्रों को धमका रहे थे और उनके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार कर रहे थे। 5 सितंबर को नौवीं कक्षा के एक छात्र को हॉस्टल के कमरे से जबरन बाहर खींचकर पीटने की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया।

हर सबूत खंगाल रही पुलिस, जल्द सामने आएगा सच

रैगिंग के आरोपों के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। घटना से संबंधित वीडियो, शिकायत और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस कथित रैगिंग की अवधि और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा।

रैगिंग की खौफनाक कीमत, अमन काचरू की मौत आज भी याद

मार्च 2009 की वह घटना हिमाचल के शिक्षा जगत के लिए एक काला अध्याय बन गई। टांडा मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले प्रथम वर्ष के छात्र अमन काचरू की वरिष्ठ छात्रों की रैगिंग और मारपीट के बाद जान चली गई। पोस्टमार्टम में सिर पर गंभीर चोटें सामने आईं। मामले में चार वरिष्ठ छात्रों को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया गया। अमन काचरू की मौत के बाद रैगिंग के खिलाफ देशभर में सख्त नियम लागू करने की मांग तेज हुई और एंटी-रैगिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया।

धर्मशाला कॉलेज छात्रा की मौत का मामला

2025 में धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की 26 दिसंबर को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता विक्रम कुमार ने तीन छात्राओं पर मारपीट और रैगिंग, जबकि एक सहायक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। उनका दावा है कि इन घटनाओं के बाद उनकी बेटी डिप्रेशन में चली गई थी। मामला फिलहाल न्यायाधीन है।

IIT मंडी में रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई, 72 छात्र दोषी

2023 में IIT मंडी में फ्रेशर्स पार्टी के दौरान जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। जांच में कुल 72 छात्रों को दोषी पाया गया। इनमें से 10 सीनियर छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित किया गया, जबकि अन्य दोषी छात्रों पर 15 हजार से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया।

एनआईटी हमीरपुर में रैगिंग पर चला था बड़ा एक्शन

2014 में एनआईटी हमीरपुर में रैगिंग के मामले में 28 इंजीनियरिंग छात्रों पर कार्रवाई हुई थी। दोषी पाए गए छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित करने के साथ निलंबित भी किया गया था। इससे पहले 2011 में रैगिंग को लेकर पुलिस शिकायत के बाद कुछ छात्रों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

कई मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षु डॉक्टर बने रैगिंग के शिकार

हिमाचल प्रदेश के पांच प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान रैगिंग की शिकायतें दर्ज हुईं। इन मामलों में प्रशिक्षु डॉक्टरों को कथित तौर पर परेशान किया गया, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच कर दोषी छात्रों को निलंबित किया और जुर्माना भी लगाया।

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