शिमला । राजवीर दीक्षित
(Major drive for justice in Shimla: 1 lakh cases settled at the National Lok Adalat) हिमाचल प्रदेश में लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन बेहद अहम साबित हुआ। राज्य की विभिन्न अदालतों में लगाए गए 145 बेंचों ने 1,46,825 मामलों की सुनवाई की। इनमें से 1,11,219 मामलों को समझौते के आधार पर निपटा दिया गया।
इन मामलों में हुए समझौतों की कुल राशि करीब 109.36 करोड़ रुपये रही। बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे से अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिली।
लोक अदालत का आयोजन HPSLSA के पैट्रन-इन-चीफ और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया के निर्देशों पर किया गया। वहीं हाईकोर्ट जज एवं HPSLSA के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने इसकी निगरानी की।
इस दौरान न केवल अदालतों में लंबित मामलों को लिया गया, बल्कि प्री-लिटिगेशन मामलों को भी आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास किया गया। लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यही रही कि इसमें पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय बातचीत और समझौते के जरिए विवाद खत्म करने का अवसर मिला।
मुकदमों से जुड़े लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ePay यानी eCourts डिजिटल पेमेंट की सुविधा शुरू की गई है। इसके माध्यम से खासकर ट्रैफिक मजिस्ट्रेट की अदालतों में मोटर वाहन चालान से जुड़े मामलों की कंपाउंडिंग फीस अब ऑनलाइन जमा की जा सकेगी। इसके साथ ही आम लोगों को लोक अदालत के जरिए मिलने वाले लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाए गए। SMS अलर्ट, जिंगल, IEC सामग्री, समाचार पत्रों और स्थानीय स्तर पर विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से लोगों तक जानकारी पहुंचाई गई।
शिमला में न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों का जायजा लेने के लिए जस्टिस ठाकुर ने जुडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। HPSLSA के सदस्य सचिव रंजीत सिंह भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने लोक अदालत में चल रही कार्यवाही का निरीक्षण किया और मामलों के निपटारे के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की।
जस्टिस ठाकुर ने न्यायिक अधिकारियों से संवाद करते हुए कार्यवाही को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि लोक अदालत में आने वाले लोगों को सरल, सुगम और समयबद्ध न्याय मिल सके।



















