Home Haryana HTET पर सख्ती, शिक्षकों को परीक्षा पास करना जरूरी

HTET पर सख्ती, शिक्षकों को परीक्षा पास करना जरूरी

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित 

(Stricter norms for HTET; clearing the exam is mandatory for teachers) हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास किए सेवा दे रहे शिक्षकों को लेकर नियम सख्त हो गए हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन में उठाया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित शिक्षकों के लिए TET पास करना सेवा जारी रखने और पदोन्नति के लिए जरूरी है।

5 साल से ज्यादा सेवा बाकी तो HTET जरूरी

1 सितंबर 2025 को जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 साल से ज्यादा समय बाकी था, उन्हें TET पास करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक निर्धारित अवधि में TET पास नहीं करने पर ऐसे शिक्षक सेवा में बने रहने के पात्र नहीं होंगे और उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में TET पास करने की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है।

5 साल से कम सेवा वाले शिक्षकों को राहत

जिन शिक्षकों की 1 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्ति में 5 साल से कम समय बचा था, वे बिना TET पास किए सेवानिवृत्ति की उम्र तक सेवा में रह सकते हैं। लेकिन ऐसे शिक्षक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे, जब तक वे TET पास नहीं कर लेते।

साल में दो बार परीक्षा कराने पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित सरकारों और प्राधिकरणों से TET परीक्षा नियमित रूप से, संभव हो तो साल में दो बार, करीब छह महीने के अंतराल पर आयोजित करने का प्रयास करने को कहा है, ताकि शिक्षकों को योग्यता हासिल करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लागू हुए नियम

यह पूरा मामला अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले से जुड़ा है। बाद में 29 मई 2026 को कोर्ट ने पुनर्विचार याचिकाओं का निपटारा करते हुए TET की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी।

यानी HTET पास नहीं करने वाले शिक्षकों के लिए अब परीक्षा से बचने का रास्ता आसान नहीं है—खासकर उन शिक्षकों के लिए जिनकी सेवा में 5 साल से ज्यादा समय बाकी है।

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