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मंडी नगर निगम की बैठक में बड़ा फैसला, पार्षदों को मिलेंगे लाखों रुपये

मंडी । राजवीर दीक्षित

(Major decision at Mandi Municipal Corporation meeting; councilors to receive lakhs of rupees) मंडी नगर निगम की सामान्य बैठक में शहर के विकास और सफाई व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। वार्डों में छोटे-छोटे विकास कार्यों को गति देने के लिए हर पार्षद को 3 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
इस राशि से स्ट्रीट लाइट, बेंच और अन्य जरूरी कार्य करवाए जा सकेंगे।
सफाई कर्मचारियों की कमी से निपटने के लिए वार्ड नंबर 15 को ठेके पर देने का फैसला हुआ है। साथ ही सीएलसी के जरिए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी।
दूसरी ओर, नगर निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए बकायेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। दुकानों, खोखा-रेहड़ी धारकों और अन्य संपत्तियों से बकाया राशि की वसूली के लिए कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम की बैठक में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण और प्रतिमाएं स्थापित करने को लेकर अहम चर्चा हुई। महापौर सुमन ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में भगवान शिव, भगवान परशुराम, भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं के लिए स्थान तय करने पर विचार किया गया।
बैठक में भगवान शिव की प्रतिमा सेरी मंच के साथ पीपल के पेड़ के पास और महाराणा प्रताप की प्रतिमा आईटीआई चौक पर लगाने की चर्चा हुई। वहीं डॉ. आंबेडकर और भगवान परशुराम की प्रतिमाओं के लिए अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर स्थित चौक का भी जल्द सौंदर्यीकरण किए जाने की योजना पर चर्चा हुई।
टारना मेले से लेकर जर्जर इमारतों और साइन बोर्ड तक, शहर की कई व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने समीक्षा की। बैठक में जलभराव और बाढ़ से प्रभावित नगर निगम भवनों, पुस्तकालय और अन्य संपत्तियों को फिर से उपयोग लायक बनाने की योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही शहर के बाजारों को एकरूपता देने के लिए दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के साइन बोर्ड व डिस्प्ले के आकार, रंग, डिजाइन और लाइटिंग के लिए मानक तय करने के आदेश दिए गए।
जर्जर भवनों पर भी अब कार्रवाई की तैयारी है। ऐसे भवनों के मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें गिराने के निर्देश दिए जाएंगे।

बजट ट्रांसफर के मुद्दे पर बैठक में हुई तीखी बहस

बैठक के दौरान एक योजना के लिए निर्धारित बजट को दूसरी योजना में स्थानांतरित करने का मुद्दा उठा। इस पर संबंधित अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए बजट बदलने की अनुमति नहीं होने की बात कही। इसी मुद्दे को लेकर बैठक में कुछ देर तक हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली।

पार्षद अपने वार्डों में नशे पर कसेंगे लगाम

बैठक में सभी पार्षदों ने नशे के खिलाफ अपने-अपने स्तर पर काम करने ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए कहा। साथ ही बाहर से आने वाले प्रवासी लाेगों की पहचान कैसे रहे इस पर भी चर्चा की गई।

इंटरनेट मीडिया टिप्पणी पर निगम सख्त, ठेकेदार को किया बाहर

नगर निगम के अधिकारियों को लेकर इंटरनेट मीडिया पर की गई टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस संबंध में महापौर ने निगम आयुक्त से चर्चा कर संबंधित मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी ली। बताया गया कि विवाद के बाद संबंधित ठेकेदार को निगम से बाहर कर दिया गया है। वहीं, ठेकेदार द्वारा किए गए कार्यों की गुणवत्ता और प्रक्रिया की भी जांच कराने की बात कही गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

समय बदला तो बढ़ी बैठक की अवधि, पार्षदों ने 11 बजे का समय मांगा

नगर निगम की बैठक दोपहर 2 बजे शुरू होने के बाद देर शाम तक चलती रही। बैठक लंबी खिंचने के चलते कुछ पार्षदों ने इसके समय को लेकर आपत्ति जताई। पार्षदों ने सुझाव दिया कि निगम की बैठक पहले की तरह सुबह 11 बजे से शुरू की जाए।
बैठक में शहर के विकास को लेकर कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। पार्षदों को तीन-तीन लाख रुपये जारी करने और नगर निगम की आय बढ़ाने के विकल्पों पर विचार किया गया।
सफाई व्यवस्था को मजबूत करने, शहर को बेहतर और सुंदर बनाने के साथ नशामुक्ति के लिए भी योजनाएं बनाने पर जोर दिया गया। महापौर ने कहा कि शहर के समग्र विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करना निगम की प्राथमिकता है।

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