शिमला । राजवीर दीक्षित
(Major overhaul for hospital labs! Multiple tests from a single sample; recruitment of technicians also underway)मानसून के बाद स्क्रब टायफस और दूसरे मौसमी संक्रमणों के मामले बढ़ने की आशंका के बीच हिमाचल स्वास्थ्य विभाग ने जांच सुविधाओं को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए ‘मिशन डायग्नोसिस’ के तहत दो स्तरों पर काम किया जा रहा है।
एक तरफ अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन की कमी को दूर करने के लिए एमएलटी ग्रेड-11 के 18 पदों पर बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। दूसरी तरफ बड़े मेडिकल कॉलेज में ऑटोमेटेड लैबोरेटरी सिस्टम शुरू करने की तैयारी है। इससे जांच प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उद्देश्य साफ है—जांच में देरी कम हो और मरीजों को समय पर बीमारी की पहचान मिल सके।
चार महीने में बदल जाएगी अस्पतालों की लैब व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब सिस्टम लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। अगले चार महीनों में बड़े मेडिकल कॉलेजों में यह व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नई तकनीक से एक ही सैंपल से कई तरह की जांच संभव होगी, जिससे मरीजों को बार-बार सैंपल देने की जरूरत कम पड़ेगी। खासतौर पर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
बारिश के मौसम में बढ़ी चिंता! शिमला में स्क्रब टायफस के 28 मामले
मानसून के साथ शिमला में स्क्रब टायफस ने चिंता बढ़ा दी है। जिले में सितंबर की शुरुआत तक 24 मामले सामने आए थे, जबकि आईजीएमसी में चार नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही कुल आंकड़ा 28 तक पहुंच गया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को झाड़ियों और घास वाले इलाकों में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में ऐसे संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है।
अस्पतालों में बढ़े वायरल मरीज, स्वाइन फ्लू के 8 केस ने बढ़ाई चिंता
आईजीएमसी और डीडीयू अस्पताल में वायरल लक्षणों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार आईजीएमसी में सितंबर के दूसरे सप्ताह तक स्क्रब टायफस के 41 और स्वाइन फ्लू के 8 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए। संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर इलाज किया जा रहा है।
हिमाचल में लैब टेक्नीशियन के 18 पद भरने की तैयारी, बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया शुरू
स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल लैब टेक्नीशियन ग्रेड-II के 18 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये नियुक्तियां बैचवाइज आधार पर की जाएंगी। विभाग ने क्षेत्रीय और जिला रोजगार कार्यालयों से पात्र दिव्यांग अभ्यर्थियों के नाम 15 अक्टूबर तक मांगे हैं। वहीं, जनजातीय क्षेत्रों के अभ्यर्थियों के लिए नाम भेजने की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर तय की गई है।
इस भर्ती का मकसद फील्ड स्तर पर सैंपल कलेक्शन और जांच व्यवस्था को मजबूत करना है। बरसात के बाद संक्रमण से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर जांच सुविधाएं बढ़ाना अहम माना जा रहा है। इससे मरीजों को हर छोटी-बड़ी जांच के लिए बड़े अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
अब जांच रिपोर्ट के लिए नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार!
कई मामलों में मरीजों के सैंपल बड़े जांच केंद्रों तक भेजने के कारण रिपोर्ट आने में समय लग जाता है। खासकर बुखार और संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों में समय पर जांच बेहद जरूरी होती है। नई व्यवस्था के तहत सैंपल लेने से लेकर जांच और रिपोर्ट जारी करने तक की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे मरीजों को जल्द बीमारी की स्थिति का पता चल सकेगा और इलाज शुरू करने में भी देरी कम होगी।



















