Home Himachal Pradesh ड्रिलबुरी पर्वत पर अचानक बर्फबारी, श्रद्धालुओं में मची अफरा-तफरी; 2 की मौत

ड्रिलबुरी पर्वत पर अचानक बर्फबारी, श्रद्धालुओं में मची अफरा-तफरी; 2 की मौत

मनाली । राजवीर दीक्षित

(Sudden snowfall on Drillbury Mountain causes panic among pilgrims; 2 dead) हिमाचल की लाहुल घाटी से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। पवित्र पर्वत ड्रिलबुरी की परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं पर मौसम की मार पड़ी है। अचानक हुई बर्फबारी के बीच दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई।

वहीं, कई बौद्ध श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। बर्फ पर फिसलने के साथ-साथ हाई एल्टीट्यूड सिकनेस और हाइपोथर्मिया ने भी यात्रियों की परेशानी बढ़ाई।सबसे चिंता की बात यह है कि प्रभावित श्रद्धालुओं में बुजुर्गों और बच्चों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है।
मृतकों में 74 वर्षीय दावा डोवा निवासी दार्जलिंग और 61 वर्षीय यांग्जिन निवासी केलंग, लाहुल-स्पीति शामिल हैं।
घटना के बाद घायल श्रद्धालुओं को तत्काल क्षेत्रीय अस्पताल केलंग पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कई श्रद्धालु ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
केलंग अस्पताल में अब हादसे में घायल और ऊंचाई से प्रभावित श्रद्धालुओं का लगातार इलाज किया जा रहा है।प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

मौत की वजह पर सस्पेंस बरकरार, पोस्टमार्टम से खुलेगा मामला

ड्रिलबुरी परिक्रमा के दौरान दो महिला श्रद्धालुओं की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुषमा ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर मौत की वजह को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।

बर्फ, फिसलन और ऊंचाई का डबल अटैक, श्रद्धालुओं की सेहत पर असर

बर्फबारी के बीच धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को अब स्वास्थ्य और रास्ते दोनों मोर्चों पर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. सुषमा के मुताबिक कई श्रद्धालु बर्फ पर फिसलने के कारण चोटिल होकर अस्पताल पहुंचे। वहीं, ऊंचाई के चलते कुछ श्रद्धालुओं में हाई एल्टीट्यूड सिकनेस के लक्षण भी सामने आए।ऐसे हालात में यात्रा के दौरान शरीर को पर्याप्त आराम देना और मौसम के अनुसार सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है।

ड्रिलबुरी की कठिन चढ़ाई, 300 श्रद्धालुओं पर मौसम की दोहरी मार

करीब 300 श्रद्धालु ड्रिलबुरी परिक्रमा में शामिल हुए हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी के चलते हाई एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा रहता है, जबकि अत्यधिक ठंड शरीर का तापमान तेजी से गिरा सकती है। मौसम खराब होने की स्थिति में रास्ते की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को अपनी शारीरिक क्षमता और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।

रात 2 बजे निकले श्रद्धालु, रास्ते में बरसी बर्फ; बिगड़े मौसम ने बढ़ाई परेशानी

बौद्ध धर्म के श्रद्धालु मध्यरात्रि के बाद करीब 2 बजे अपनी यात्रा पर निकले थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हो गई और देखते ही देखते रास्ते पर बर्फ की परत जमने लगी।बर्फीले तूफान के बीच श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गईं और यात्रा बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना में 2 लोगों की मौत हुई है, जबकि एक व्यक्ति घायल है और उसकी हड्डी टूटने की सूचना है। संभावित खतरे को देखते हुए तीन बचाव दल तैनात किए गए। करीब 30 लोग अभी मार्ग में हैं, जिन्हें सुरक्षित वापस लाने की कार्रवाई जारी है।

 

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