नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Major organizational reshuffle in the BJP! New responsibilities assigned.) भारतीय जनता पार्टी ने राज्यों में संगठन को लेकर नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्तियों का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से जारी सूची में कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव भाजपा की नई केंद्रीय टीम के गठन के बाद सामने आया है। अगस्त में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने केंद्रीय संगठन में भी कई नियुक्तियां की थीं, जिनमें स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई थीं।
नई व्यवस्था के तहत स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड की जिम्मेदारी दी गई है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बदलाव
राज्यों के संगठनात्मक प्रभार में कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। उपलब्ध सूची के मुताबिक संजय भाटिया को राजस्थान और बिप्लब कुमार देब को मध्य प्रदेश का प्रभार दिया गया है।
संजय भाटिया और बिप्लब देब दोनों को अगस्त में भाजपा की नई केंद्रीय टीम में राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था।
पंजाब में सतीश पूनिया के पास जिम्मेदारी
पंजाब को लेकर भी पार्टी पहले ही अपने प्रभारी का ऐलान कर चुकी थी। सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है, जबकि तरुण चुघ को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को दी गई थी और जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया था।
इन तीन राज्यों—उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात—के प्रभारियों की घोषणा 18 अगस्त को ही कर दी गई थी। उस समय पार्टी ने बाकी राज्यों के प्रभारियों की नियुक्तियां बाद में करने की बात कही थी।
नई टीम में पुराने और नए चेहरों का मेल
भाजपा की नई संगठनात्मक टीम में कई अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं। अगस्त में घोषित केंद्रीय टीम में स्मृति ईरानी, राम माधव, बिप्लब देब, सतीश पूनिया, संजय भाटिया समेत कई नेताओं को अलग-अलग राष्ट्रीय पद दिए गए थे।
राज्यों के प्रभारियों की नियुक्ति के साथ अब भाजपा का संगठनात्मक ढांचा और स्पष्ट हो गया है। अलग-अलग राज्यों में पार्टी की गतिविधियों, संगठनात्मक बैठकों और स्थानीय स्तर पर समन्वय की जिम्मेदारी नए प्रभारियों के पास रहेगी।



















