आजमगढ़। राजवीर दीक्षित
(Killer of wife, son, and 2 priests gunned down!) उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या के बाद तीन बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपी अरविंद सिंह (42) को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। घटना के दौरान आरोपी ने अपने ही बेटे पर गोली चला दी थी। वहीं, बंधक बनाए जाने के दौरान गोद से गिरी 7 महीने की बच्ची शांभवी ने भी बुधवार दोपहर इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव की है। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 6 बजे परिवार में पूजा-पाठ को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद मामला इतना बिगड़ा कि अरविंद ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपनी पत्नी और वहां मौजूद दो पुजारियों पर फायरिंग कर दी।
पूजा कराने को लेकर पत्नी से हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, परिवार को आशंका थी कि अरविंद को उसके भाई सुनील की आत्मा परेशान कर रही है। इसी वजह से उसकी पत्नी और मां की ओर से महामृत्युंजय जाप कराया जा रहा था। बताया गया कि पूजा-पाठ की इसी बात को लेकर अरविंद नाराज था।
मंगलवार शाम पत्नी से बहस के दौरान उसने कथित तौर पर कहा कि उसके कारण उसके भाई की हत्या हुई और अब वह यहां ड्रामा कर रही है। इसके बाद उसने पूजा करा रहे पुजारियों से आधार कार्ड मांगा और उनसे भी कहासुनी शुरू हो गई।
विवाद बढ़ने पर अरविंद कमरे से अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर आया और पत्नी बबीता (40) तथा दोनों पुजारियों महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) पर गोली चला दी।
तीन बच्चों को कमरे में बनाया बंधक
फायरिंग के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को कमरे के अंदर बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही करीब 10 थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक, अरविंद बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा था।
स्थिति गंभीर होने के बाद ATS और SOG की टीम को मौके पर बुलाया गया। करीब 45 जवानों वाली टीम ने आरोपी को लगातार सरेंडर करने के लिए समझाने की कोशिश की।
7 घंटे बाद बेटे पर चला दी गोली
कई घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के दौरान रात करीब 1 बजे अरविंद ने अपने बेटे शौर्य (9) पर गोली चला दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई तेज कर दी।
टीम ने कमरे में स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने जवानों पर रिवॉल्वर से 6 राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
गोलीबारी के बीच बच्ची भी घायल हुई थी
बंधक बनाए जाने के दौरान अरविंद की 7 महीने की बेटी शांभवी उसकी गोद से गिर गई थी। बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बुधवार दोपहर उसकी भी मौत हो गई।
इस घटना में अरविंद के अलावा उसकी पत्नी बबीता, बेटे शौर्य, बेटी शांभवी और दोनों पुजारियों की मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू हुई और अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है।
8 साल पहले हुई थी अरविंद के भाई की हत्या
अरविंद के परिवार से जुड़ा पुराना विवाद भी इस घटना की पृष्ठभूमि में सामने आया है। करीब 8 साल पहले उसके भाई सुनील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि इस मामले में उसके चचेरे भाइयों मनीष और अविनाश के नाम सामने आए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, सुनील ने अरविंद की पत्नी बबीता और मनीष के कथित संबंधों की जानकारी मिलने के बाद मनीष के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद सुनील की हत्या कर दी गई थी। सुनील महाराष्ट्र में बालासाहेब ठाकरे के गनर के तौर पर भी काम कर चुके थे।
अब पुलिस इस पूरे मामले में हत्या, बंधक बनाने और एनकाउंटर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।



















