नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Have you received the notice? You won’t have to attend the hearing!) स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए प्रक्रिया में बदलाव किया है। आयोग ने शनिवार को कहा कि जिन लोगों को SIR के तहत नोटिस मिला है, उन्हें सामान्य तौर पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए ERO/AERO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा।
BLO खुद घर पहुंचेंगे
आयोग के मुताबिक, जिन मतदाताओं को पुराने रिकॉर्ड से मैपिंग न होने या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के कारण नोटिस जारी हुआ है, उनके घर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जाएंगे। BLO जरूरी दस्तावेज जुटाकर उन्हें ECINET पर अपलोड करेंगे, जिसके आधार पर ERO मामले पर फैसला लेगा।
अगर किसी मामले में व्यक्तिगत सुनवाई जरूरी हुई तो उसे असाधारण स्थिति में और संभव हो तो ऑनलाइन माध्यम से कराने की बात कही गई है। जरूरत पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को भी अपनी ओर से सुनवाई में भेज सकता है।
दिल्ली में दावे-आपत्तियों की तारीख बढ़ी
चुनाव आयोग ने दिल्ली में SIR से जुड़े दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 कर दी है। वहीं नोटिस, दावे और आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। महाराष्ट्र में भी संबंधित समयसीमा बढ़ाई गई है।
आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरत के अनुसार हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं, खासकर श्रमिकों, गरीबों, बेघर लोगों और रैन बसेरों में रहने वालों के लिए।
ECINET की भी होगी समीक्षा
आयोग ने ECINET सिस्टम की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने की बात कही है। समिति में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता के साथ IIT/IIIT के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि सिस्टम संबंधित कानूनों और नियमों के अनुरूप काम कर रहा है या नहीं।
14 आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
यह फैसला ऐसे समय आया है जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार SIR से जुड़े फैसलों और निर्देशों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं।
चुनाव आयोग ने इसके जवाब में कहा है कि अलग-अलग विचार संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा होते हैं और आयोग के आदेश कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।
कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन
SIR और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में प्रदर्शन किए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट के बाद हुआ।
अब आयोग के नए निर्देशों से SIR नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत काफी सीमित कर दी गई है, जबकि दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया BLO के जरिए आगे बढ़ेगी।



















