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हिमाचल में मरीजों को बड़ी राहत! हिमकेयर का सुरक्षा कवच बढ़ा, AI से फ्रॉड पर लगेगी लगाम

शिमला । राजवीर दीक्षित

(Major relief for patients in Himachal! ‘Himcare’ safety net expanded; AI to curb fraud) हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य सुरक्षा योजना हिमकेयर यानी मुख्यमंत्री हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना अब नए स्वरूप में सामने आने वाली है। लगातार सवालों और विवादों के बीच सरकार ने योजना में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। इसके तहत अब हर परिवार का सालाना स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाएगा। इस 10 लाख रुपये के कवर में 5 लाख रुपये का बेसिक कवर और 5 लाख रुपये का टॉप-अप कवर शामिल होगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 10 लाख लाभार्थी परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
लेकिन हिमकेयर में बदलाव सिर्फ स्वास्थ्य कवर बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा। योजना में सामने आने वाली फर्जी अस्पतालों की गतिविधियों, फर्जी बिलिंग और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले संदिग्ध दावों पर भी सख्ती की तैयारी है।
इसी उद्देश्य से अब बीमा कंपनी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म अनिवार्य किया जाएगा। इस तकनीक के जरिए संदिग्ध क्लेम और बिलिंग पैटर्न की पहचान करने की कोशिश होगी, ताकि गलत दावों पर रोक लगाई जा सके और सरकारी धन को नुकसान से बचाया जा सके।
यानी हिमकेयर अब सिर्फ ज्यादा स्वास्थ्य कवर वाली योजना नहीं होगी, बल्कि तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था के साथ नए रूप में लागू की जाएगी।

अब संदिग्ध मेडिकल क्लेम पर तुरंत अलर्ट

बिना जरूरत मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रखने, फर्जी क्लेम दाखिल करने, डुप्लीकेट ट्रांजेक्शन करने या अनावश्यक टेस्ट और सर्जरी कराने जैसे मामलों पर अब सिस्टम की सीधी नजर होगी।
रियल-टाइम सिस्टम संदिग्ध पैटर्न की पहचान कर तुरंत अलर्ट जारी करेगा, जिससे गड़बड़ी का पता लगते ही कार्रवाई की जा सकेगी।

हिमाचल स्वास्थ्य बीमा योजना के नए टेंडर में 10 कंपनियों की दिलचस्पी, 3 साल का मिलेगा ठेका

हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी ने योजना के संचालन के लिए नया इंश्योरेंस टेंडर फ्रेमवर्क जारी कर दिया है। टेंडर के तहत कंपनियां 12 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगी।

प्री-बीडिंग बैठक में स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की 10 कंपनियों ने योजना में रुचि दिखाई है, जिससे इस बार टेंडर को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। पात्र कंपनियों में जो कंपनी सबसे कम प्रीमियम यानी एल-1 बोली पेश करेगी, उसे योजना के संचालन का तीन वर्ष का ठेका दिया जाएगा।

योजना के तहत लाभार्थियों को एम्पेनल्ड सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती रहेगी। वहीं, हिमाचल से बाहर के एम्पेनल्ड अस्पतालों में भी भर्ती से पहले और भर्ती के बाद होने वाले निर्धारित खर्चों का लाभ जारी रहेगा।

हिमकेयर का नया अवतार! 5 लाख का कवर अब 10 लाख, AI पकड़ेगा फर्जीवाड़ा

हिमाचल की हिमकेयर योजना में अब कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ा बदलाव स्वास्थ्य बीमा कवर में है। पहले जहां एक परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक की सुरक्षा मिलती थी, अब यह सुरक्षा 10 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी।
5 लाख बेसिक कवर + 5 लाख का टॉप-अप यानी बीमारी या इलाज के बड़े खर्च की स्थिति में परिवार को पहले की तुलना में ज्यादा आर्थिक सुरक्षा देने की व्यवस्था होगी।
योजना का दायरा बढ़ाने की भी तैयारी है। पहले 8 लाख कार्ड बनाए गए थे, लेकिन वर्तमान में करीब 3.32 लाख कार्ड ही एक्टिव बताए जा रहे हैं। नई व्यवस्था में सरकार का लक्ष्य करीब 10 लाख परिवारों को कवरेज देने का है।
इसके साथ ही बीमा कंपनी के चयन और निगरानी की व्यवस्था में भी बदलाव होगा। अब कंपनी को एक साल की जगह तीन साल का अनुबंध दिया जाएगा।सबसे खास बात यह है कि फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी संदिग्ध दावों और गतिविधियों की पहचान पहले की तुलना में ज्यादा डिजिटल और तकनीकी तरीके से की जाएगी। पंजीकरण का शेड्यूल पहले की तरह मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर रहेगा। हालांकि नई व्यवस्था में लाभार्थियों को कितना प्रीमियम देना होगा, यह अभी तय होना बाकी है।

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