ऊना । राजवीर दीक्षित
(Political uproar in Himachal! BJP leader’s controversial remark about Deputy CM’s late wife) हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की दिवंगत पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती पर आयोजित स्मृति एवं सम्मान समारोह अब राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है। हरोली में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से की गई तीखी टिप्पणियों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। पहले हरोली से भाजपा नेता प्रो. राम कुमार ने कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए और अब इसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक अजय जोशी की टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया है।अजय जोशी ने प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के योगदान पर सवाल उठाते हुए समारोह को कथित तौर पर सहानुभूति की राजनीति और दिखावे से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि सिम्मी अग्निहोत्री कोई मदर टेरेसा या नेल्सन मंडेला नहीं थीं कि उनके नाम पर किसी कॉलेज का नाम रखा जाए या कॉलेज में इतना बड़ा आयोजन करवाकर उसका राजनीतिकरण किया जाए।
जोशी ने सिम्मी अग्निहोत्री के राजनीतिक योगदान को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अपने जीवनकाल में सिम्मी अग्निहोत्री ने अपने पति मुकेश अग्निहोत्री के लिए राजनीतिक प्रचार-प्रसार किया था। इसके बाद भाजपा नेता ने डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री पर भी व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वे “सठिया गए हैं” और दिवंगत पत्नी के नाम पर कार्यक्रम कर रहे हैं।
अजय जोशी ने समारोह में कलाकारों को बुलाए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों को कौन बुलाता है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि सिम्मी अग्निहोत्री का क्षेत्र या समाज के लिए आखिर क्या योगदान रहा है।
भाजपा नेता ने सिम्मी अग्निहोत्री की नौकरी और विश्वविद्यालय में उनकी भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वह यूनिवर्सिटी में पढ़ाने के बजाय हरोली में बैठकर सैलरी लेती रहीं और इसे भी उन्होंने “अपराध” करार दिया। हालांकि, ये सभी आरोप अजय जोशी की ओर से लगाए गए हैं।
जोशी ने आगे आरोप लगाया कि अब दिवंगत पत्नी के नाम पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर मुकेश अग्निहोत्री सहानुभूति हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को भी राजनीति से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इन टिप्पणियों के बाद अब राजनीतिक बहस केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के शैक्षणिक और सामाजिक योगदान को लेकर भी सवाल-जवाब शुरू हो गए हैं। दरअसल, 29 सितंबर को हरोली में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री फाउंडेशन की ओर से स्मृति एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में शिक्षा, शोध और सामाजिक क्षेत्र में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के योगदान को याद किया गया। समारोह में पंजाबी गायक गुरदास मान ने भी प्रस्तुति दी थी, जिसके चलते कार्यक्रम काफी चर्चा में रहा।
प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला में प्रोफेसर रही थीं। फरवरी 2024 में उनका निधन हो गया था। उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य उनके योगदान को याद करना और सम्मान देना बताया गया था।लेकिन कार्यक्रम के बाद भाजपा नेताओं की टिप्पणियों ने इस आयोजन को राजनीतिक बहस में ला खड़ा किया है। अजय जोशी की ओर से की गई व्यक्तिगत और तीखी टिप्पणियों को लेकर अब इंटरनेट मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है।
सोशल मीडिया पर कई लोगों की ओर से अजय जोशी की भाषा और बयानबाजी को निंदनीय बताया जा रहा है, जबकि राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। ऐसे में सिम्मी अग्निहोत्री के सम्मान समारोह से शुरू हुआ यह मामला अब हिमाचल की सियासत में एक नए विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है।
पूरे विवाद के बीच सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा नेता की उन टिप्पणियों की हो रही है, जिनमें उन्होंने दिवंगत प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के व्यक्तिगत, शैक्षणिक और सामाजिक योगदान पर सवाल उठाए और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री पर सहानुभूति की राजनीति करने का आरोप लगाया। यही बयान अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।



















