नंगल।राजवीर दीक्षित
हिमाचल प्रदेश में दूसरे राज्यों के वाहनों से वसूले जा रहे एंट्री टैक्स का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच इस मुद्दे पर सियासी हलचल तेज होने लगी है। संघर्ष कमेटी ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ दोबारा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। कमेटी का आरोप है कि बार-बार शिकायतें और मांगें उठाने के बावजूद केंद्र सरकार ने विवादित टोल बैरियरों को हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
संघर्ष कमेटी के कानूनी सदस्य उत्तांश मोंगा ने इस संबंध में 96 पन्नों का विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा है। इसमें केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने, प्रस्ताव पारित करवाने और प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की मांग की गई है।
प्रतिवेदन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 256 और 257 का हवाला देते हुए कहा गया है कि केंद्र सरकार को राज्य सरकारों को संसदीय कानूनों का पालन सुनिश्चित करवाने के लिए निर्देश देने का अधिकार है। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्गों पर केंद्र की कार्यकारी शक्तियों में बाधा न आने देने का भी प्रावधान है।
मोंगा ने तर्क दिया है कि केंद्र सरकार इन संवैधानिक प्रावधानों के तहत हिमाचल सरकार को राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए विवादित एंट्री टैक्स बैरियर बंद करने और हटाने के निर्देश दे सकती है। इससे हिमाचल से गुजरने वाले वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टरों, किसानों और श्रद्धालुओं को राहत मिल सकती है।
प्रतिवेदन में 13 अगस्त से 29 अक्टूबर के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, राज्य मंत्रियों हर्ष मल्होत्रा और अजय टमटा सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए 24 पत्रों और शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है।
इस विवाद के बीच नंगल नगर परिषद और रोपड़ जिला परिषद पहले ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पंजाब सरकार से हिमाचल से आने वाले वाहनों पर जवाबी एंट्री टैक्स लगाने की अनुमति मांग चुकी हैं। हालांकि, पंजाब सरकार ने अभी तक इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी है।
हाल ही में संपन्न पंजाब विधानसभा सत्र में रोपड़ से आम आदमी पार्टी के विधायक दिनेश चड्ढा द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने सदन को बताया था कि रोपड़ जिला परिषद के माध्यम से हिमाचल के पंजीकृत वाहनों पर एंट्री टैक्स लागू करने के मामले में एडवोकेट जनरल पंजाब के कार्यालय से कानूनी राय ली जा रही है।
संघर्ष कमेटी ने अब इस मुद्दे को चुनावी मैदान में ले जाने की तैयारी कर ली है। कमेटी के संयोजक गौरव राणा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से पूछा जाएगा कि हिमाचल के एंट्री टैक्स को खत्म करवाने के लिए उन्होंने क्या प्रयास किए हैं। जो नेता इस मुद्दे पर चुप रहे हैं, उन्हें चुनाव के दौरान कमेटी के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
नंगल नगर परिषद के पार्षद और जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने भी कहा कि आगामी चुनाव में राजनीतिक नेताओं से एंट्री टैक्स के मुद्दे पर जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग इस टैक्स के कारण परेशानी झेल रहे हैं और पंजाब सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अब देखना होगा कि केंद्र और पंजाब सरकार इस विवाद पर क्या कदम उठाती हैं। फिलहाल, हिमाचल के एंट्री टैक्स का मुद्दा 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है।

















