द टारगेट न्यूज़ धर्म-अध्यात्म: 2026-11-05 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान श्री विष्णु की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।
🙏 आज के पूज्य देव: भगवान श्री विष्णु
आज का दिन भगवान श्री विष्णु की आराधना और उनके स्मरण के लिए अत्यंत मंगलकारी है। अपनेित्य कर्मों से निवृत्त होकर नारायण का ध्यान करने से मन में शांति और सात्विक ऊर्जा का संचार होता है। साधक को आज के दिन परोपकार के कार्यों में सहभागिता करनी चाहिए और असहाय जनों की सहायता करनी चाहिए जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहे.
🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):
प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत्त होकर पवित्र पीले वस्त्र धारण करें और भगवान श्री विष्णु का ध्यान करें। चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान की प्रतिमा स्थापित करें तथा उन्हें षोडशोपचार विधि से गंध, अक्षत, पीले पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। पूजा के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक कम से कम एक माला जाप करें। अंत में आरती कर भगवान को भोग लगाएं और सभी में प्रसाद वितरित करें.
📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):
पौराणिक कथा के अनुसार एक समय नारद जी ने सृष्टि के कल्याण हेतु भगवान विष्णु के साधारण पूजन और व्रत का महात्म्य पूछा था। प्रभु ने बताया कि जो मनुष्य पूरी निष्ठा और सात्विक भाव से मेरे साधारण व्रत और पूजन का पालन करता है, उसके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। इस कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य को सांसारिक दुखों से मुक्ति मिलती है और वह भगवान के चरणों में स्थान प्राप्त करता है। यह व्रत मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने वाला माना गया है.


















