नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Major concessions for foreigners! Passport and visa rules changed) केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों की कई श्रेणियों को बड़ी राहत देते हुए पासपोर्ट और वीजा से जुड़े नियमों में ढील दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेम्प्शन) (अमेंडमेंट) ऑर्डर, 2026 जारी कर कुछ विदेशी नागरिकों, शरणार्थियों और विशेष श्रेणियों के लोगों को सामान्य पासपोर्ट एवं वीजा नियमों से छूट प्रदान की है।
नई अधिसूचना के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए कुछ लोगों के साथ-साथ श्रीलंकाई तमिलों और तिब्बती नागरिकों को भी राहत दी गई है। हालांकि, भारत में लगातार रहने के लिए संबंधित श्रेणियों के लोगों को निर्धारित वीजा और पंजीकरण संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।
पाकिस्तान से आए कुछ नागरिकों को राहत
नए आदेश के अनुसार, 31 दिसंबर 2009 या उससे पहले स्थायी रूप से भारत में रहने के इरादे से आए पाकिस्तानी नागरिकों को कुछ शर्तों के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण की अनिवार्यता से छूट दी गई है। यह राहत उन लोगों को मिलेगी, जो पाकिस्तान का कंप्यूटरीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र (CNIC) नहीं होने के कारण अपना यात्रा दस्तावेज नवीनीकृत नहीं करा पा रहे हैं।
इसके लिए शर्त रखी गई है कि संबंधित व्यक्ति ने पाकिस्तान में विवाह न किया हो, वहां कोई अचल संपत्ति हासिल न की हो, पाकिस्तान जाते समय अपने परिवार के सदस्य भारत में भारतीय नागरिक के रूप में छोड़े हों और भविष्य में पाकिस्तान वापस न लौटने का वचन दें। साथ ही, उनके खिलाफ पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों की कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं होनी चाहिए।
धार्मिक अल्पसंख्यकों को भी छूट
सरकार ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के उन लोगों को भी राहत दी है, जो धार्मिक उत्पीड़न या उसके डर के कारण 31 दिसंबर 2024 तक भारत में शरण लेने पहुंचे थे।
इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जो बिना वैध पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेजों के भारत आए थे अथवा जिनके दस्तावेजों की अवधि समाप्त हो चुकी है। हालांकि, भारत में आगे रहने के लिए उन्हें उपयुक्त वीजा श्रेणी प्राप्त करनी होगी।
श्रीलंकाई तमिलों और तिब्बतियों को राहत
संशोधित नियमों के तहत 9 जनवरी 2015 या उससे पहले भारत में शरण लेने वाले पंजीकृत श्रीलंकाई तमिल नागरिकों को भी सामान्य पासपोर्ट और वीजा संबंधी अनिवार्यताओं से छूट दी गई है।
वहीं, 1959 से 30 मई 2003 के बीच काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी परमिट पर भारत आए तिब्बतियों और इसके बाद भारत-नेपाल सीमा के निर्धारित इमिग्रेशन पोस्ट से विशेष प्रवेश परमिट के जरिए पहुंचे लोगों को भी इस आदेश में शामिल किया गया है। हालांकि, उन्हें संबंधित अधिकारियों के पास पंजीकरण कराना और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।
भारतीय मूल के नागरिकों के लिए भी प्रावधान
मलेशिया और सिंगापुर की नागरिकता लेने के बाद 31 दिसंबर 2009 या उससे पहले उन देशों के पासपोर्ट पर भारत लौटे भारतीय मूल के कुछ लोगों को भी राहत दी गई है। यह छूट उन लोगों पर लागू होगी, जिनके विदेशी पासपोर्ट समाप्त हो चुके हैं और संबंधित देशों के नियमों के कारण उनका नवीनीकरण संभव नहीं है।
भारत-नेपाल और भारत-भूटान यात्रा के नियम भी बदले
सरकार ने भारत, नेपाल और भूटान के नागरिकों की आपसी यात्रा के पहचान संबंधी नियमों को भी स्पष्ट किया है। इन देशों के नागरिक जमीन या हवाई मार्ग से सीधे एक-दूसरे के देश में यात्रा करते समय सामान्य पासपोर्ट के बजाय सरकारी वीजा मैनुअल में निर्धारित पहचान दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे।
हालांकि, यदि नेपाली या भूटानी नागरिक चीन, मकाऊ, हांगकांग या पाकिस्तान से होकर भारत में प्रवेश करते हैं अथवा वहां से रवाना होते हैं, तो उनके पास वैध पासपोर्ट और वीजा होना अनिवार्य रहेगा। इसी तरह, भारत के नागरिक यदि नेपाल या भूटान के अलावा किसी तीसरे देश से इन सीमाओं के रास्ते आते-जाते हैं, तो उन्हें वैध पासपोर्ट रखना होगा और निर्धारित इमिग्रेशन पोस्ट का इस्तेमाल करना होगा।
सेना के जवानों और विदेशी सैन्य दलों को भी छूट
नए आदेश में ड्यूटी पर आने-जाने वाले भारतीय नौसेना, थलसेना और वायुसेना के कर्मियों को भी पासपोर्ट एवं वीजा संबंधी नियमों से छूट दी गई है। सरकारी परिवहन से उनके साथ यात्रा करने वाले परिवार के सदस्य भी इस प्रावधान के दायरे में आएंगे।
इसके अलावा, मरम्मत के लिए भारत आने वाले विदेशी सैन्य जहाजों के चालक दल को भी निर्धारित शर्तों के तहत पासपोर्ट की अनिवार्यता से छूट दी गई है। इसके लिए उन्हें इमिग्रेशन अधिकारी से जारी मिलिट्री शिप रिपेयर परमिट और वैध सैन्य पहचान दस्तावेज रखने होंगे।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार के इस संशोधित आदेश में भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों, शरणार्थियों और कुछ विशेष श्रेणियों के लोगों के लिए पासपोर्ट, वीजा और पहचान संबंधी नियमों में राहत के साथ कई नई शर्तें भी स्पष्ट की गई हैं।


















