नई दिल्ली | राजवीर दीक्षित
(Big Relief for Workers! Government of India Preparing to Increase Daily Wages) देशभर के करोड़ों मजदूरों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। Government of India अब न्यूनतम दैनिक मजदूरी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, मजदूरी में 350 से 450 रुपये तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। यह कदम नए लेबर कानूनों के तहत उठाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर में मजदूरी दरों को संतुलित करना और मजदूरों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा देना है।
पंजाब के मजदूरों के लिए भी यह खबर बेहद अहम है। राज्य सरकार ने मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेज दिया है, जिस पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है। वर्तमान में पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में मजदूरी दरें अपेक्षाकृत कम हैं, जिसे सुधारने की दिशा में काम चल रहा है।
अन्य राज्यों की बात करें तो हरियाणा पहले ही न्यूनतम मजदूरी में करीब 35% की बढ़ोतरी कर चुका है, जिससे गैर-हुनरमंद मजदूरों की मासिक आय लगभग 15,200 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों—नोएडा और गाजियाबाद—में भी मजदूरी बढ़ाई गई है। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में मजदूरी पहले से ही 15,000 से 16,000 रुपये के आसपास है।
सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड—जैसे Code on Wages, 2019 और Code on Social Security, 2020—का मकसद मजदूरों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित कार्य वातावरण देना है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि मजदूरी में बढ़ोतरी को महंगाई और जीवनयापन की लागत से जोड़ा जाना चाहिए। वहीं उद्योग जगत का कहना है कि 10-15% की बढ़ोतरी से उत्पादों की कीमतों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे बेहतर और कुशल मजदूर मिलने में मदद मिलेगी।



















