चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Call from ‘CBI officer’: ₹29.80 lakh wiped out from account!) चंडीगढ़ में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-22बी निवासी SBI के रिटायर अधिकारी श्रीपाल जैन को साइबर ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाया। आरोपियों ने उनसे अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 29 लाख 80 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
ठगों ने दावा किया कि एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से एक करोड़ रुपए बरामद हुए हैं और पूछताछ में श्रीपाल जैन का नाम सामने आया है। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।
WhatsApp कॉल से शुरू हुआ पूरा खेल
श्रीपाल जैन के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से WhatsApp कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया। उसने कहा कि CBI ने संजीव नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और उसके पास से एक करोड़ रुपए मिले हैं।
ठग ने दावा किया कि पूछताछ में श्रीपाल जैन का नाम सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।
‘किसी को बताया तो परिवार भी गिरफ्तार होगा’
आरोपियों ने श्रीपाल जैन को डराने के लिए कहा कि वह भागने की कोशिश न करें और किसी को भी इस मामले की जानकारी न दें। यहां तक धमकी दी गई कि अगर उन्होंने परिवार या किसी अन्य व्यक्ति को बताया तो उनके परिवार के सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्रीपाल जैन ने आरोपी से कहा कि वह संजीव नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानते और उन्हें फंसाया जा रहा है। इसके बाद ठगों ने उन्हें कथित तौर पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा।
पहले 22 लाख RTGS, फिर रकम बढ़ती गई
गिरफ्तारी के डर से श्रीपाल जैन ने आरोपी के बताए बैंक खाते में पहले 22 लाख रुपए RTGS किए। इसके बाद भी उनसे लगातार रकम मांगी जाती रही।
अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उन्होंने कुल 29.80 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने दावा किया कि पैसे देने से वह मामले से बच सकते हैं और केस बंद हो जाएगा।
29.80 लाख के बाद भी मांगे 10 लाख
इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर होने के बाद भी ठग नहीं रुके। उन्होंने श्रीपाल जैन से 10 लाख रुपए और जमा करने को कहा।
श्रीपाल जैन ने बताया कि अब उनके पास पैसे नहीं बचे हैं और उन्होंने अपनी जमा पूंजी तक ट्रांसफर कर दी है। इसके बावजूद आरोपी उन्हें गिरफ्तारी की धमकी देता रहा।
इसके बाद श्रीपाल जैन ने फोन काट दिया और अपने बेटे को पूरी घटना बताई।
बेटे को बताई बात, फिर पहुंची पुलिस के पास शिकायत
बेटे ने पूरी बातचीत और पैसों के ट्रांसफर की जानकारी सुनी तो उसे साइबर ठगी का शक हुआ। इसके बाद वह अपने पिता को लेकर पुलिस के पास पहुंचा।
मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने FIR नंबर 156 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने मामले में IT Act की धारा 66-C और 66-D के साथ BNS की धारा 308(2), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।
मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच
पुलिस अब ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, WhatsApp कॉल, बैंक खातों और पैसों के ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 29.80 लाख रुपए किन खातों में पहुंचे और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मामले की जांच जारी है।



















