द टारगेट न्यूज़:
### विरासत का नुकसान और चोरी की घटनाएं चंडीगढ़ के सेक्टर 45 और 46 में ली कार्बुजिए द्वारा डिजाइन किए गए ऐतिहासिक मैनहोल कवर की चोरी का मामला सामने आया है। ये कवर शहर के मास्टर प्लान का हिस्सा हैं और अंतरराष्ट्रीय नीलामी बाजारों में इनकी भारी मांग है। रिपोर्ट के अनुसार, एक कवर की कीमत 15 लाख से 30 लाख रुपये तक हो सकती है, जिसके कारण ये तस्करों के निशाने पर हैं। हाल ही में सेक्टर 46 के विभिन्न घरों के बाहर से और सेक्टर 45-सी से कई कवर चोरी हुए हैं। नगर निगम के सब-डिविजनल इंजीनियर ने इस संबंध में पुलिस में छह शिकायतें दर्ज कराई हैं। ### प्रशासन की विफलता और स्थानीय चिंता स्थानीय पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि चोर दिनदहाड़े सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बना रहे हैं। निवासियों का कहना है कि न केवल मैनहोल कवर बल्कि लोहे की बेंच भी चोरी हो रही हैं। हालांकि कुछ घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे गए हैं, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों में इस बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर असुरक्षा का माहौल है। ### संरक्षण के लिए सुझाव और भविष्य की चुनौतियां प्रशासक की सलाहकार परिषद के सदस्य अजय जग्गा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लंबे समय से यह मांग की है कि इन विरासत कवरों को जीपीएस ट्रैकिंग चिप्स के साथ सुरक्षित किया जाए या फिर इन्हें हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर संरक्षित किया जाए और उनकी जगह सामान्य कवर लगाए जाएं। आंकड़ों के अनुसार, शहर में अभी भी 3,000 से अधिक ऐसे कवर मौजूद हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तत्काल कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो चंडीगढ़ अपनी इस अनमोल विरासत को पूरी तरह खो सकता है।













