चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Uproar Ahead of Morinda Municipal Council President Election; Channi Accuses Police of Detaining Congress Councillors.)मोरिंडा नगर परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले शुक्रवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पुलिस पर कांग्रेस समर्थक पार्षदों को हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए मोरींडा पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव से पहले चन्नी बड़ी संख्या में समर्थकों और निर्वाचित पार्षदों के साथ पुलिस थाने पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के तीन पार्षदों को चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के उद्देश्य से पुलिस ने हिरासत में लिया है।
चन्नी ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए एक पार्षद को पुलिस थाने के बाथरूम में बंद कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षदों को चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है और राज्य सरकार राजनीतिक लाभ के लिए पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के जनादेश का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने हिरासत में लिए गए पार्षदों को तुरंत रिहा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उन्हें स्वतंत्र रूप से चुनाव में भाग लेने नहीं दिया गया तो कांग्रेस अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।
इस दौरान मोरींडा नगर परिषद के करीब 12 निर्वाचित पार्षद भी पुलिस थाने पहुंचे और हिरासत में लिए गए पार्षदों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि मोरींडा नगर परिषद के 15 वार्डों में से कांग्रेस ने 10 वार्डों में जीत हासिल कर बहुमत बनाया है। वहीं चार वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को केवल एक सीट मिली।
प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने आरोप लगाया कि सरकार ने अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले उन पर दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। उनका कहना था कि यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक प्रेरित है और नगर परिषद के समीकरण बदलने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस समर्थकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दर्ज मामले को वापस लेने की मांग की। बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने से पुलिस थाने के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस ने स्थानीय निकाय चुनावों को प्रभावित करने के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से चन्नी के आरोपों या पार्षदों को कथित रूप से हिरासत में लिए जाने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।



















