नई दिल्ली/कोलकाता। टारगेट न्यूज नेटवर्क
(Demand for FIR against CEC; Opposition once again tightening the screws for impeachment) TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महुआ ने FIR दर्ज करने की मांग भी की है।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप
महुआ मोइत्रा का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए। उन्होंने Form-6 में नए सवाल जोड़े जाने, वोटर डेटा के केंद्रीकरण और स्थानीय चुनाव अधिकारियों की भूमिका सीमित किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। ये आरोप महुआ की शिकायत और उनके सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं।
EC के अंदर मतभेद का मुद्दा
विवाद तब और बढ़ा जब रिपोर्ट सामने आई कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पिछले एक साल में आयोग के सभी आदेश पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत फैसले रहे हैं और संस्थागत विचार-विमर्श में अलग-अलग राय होना सामान्य प्रक्रिया है।
विपक्ष फिर तैयार कर रहा महाभियोग प्रस्ताव
इसी विवाद के बीच कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नए महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्ताव अगले कुछ दिनों में संसद में लाया जा सकता है।
इससे पहले भी विपक्ष ने मार्च-अप्रैल 2026 में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। अप्रैल में राज्यसभा के 73 विपक्षी सांसदों ने नोटिस दिया था, जबकि मार्च में दोनों सदनों में नोटिस दिए गए थे। मार्च वाले नोटिस लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति द्वारा स्वीकार नहीं किए गए थे; अप्रैल का राज्यसभा नोटिस लंबित बताया जा रहा है।
अब शिकायत से संसद तक बढ़ा विवाद
एक तरफ महुआ मोइत्रा की पुलिस शिकायत और दूसरी तरफ विपक्ष की संभावित नई महाभियोग कार्रवाई ने CEC ज्ञानेश कुमार, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। वहीं, चुनाव आयोग अपने फैसलों को सर्वसम्मत बता रहा है।



















