बठिंडा । राजवीर दीक्षित
ताज़ा मामले में जेल प्रशासन ने CRPF के एक कांस्टेबल को जेल के अंदर नशीले पदार्थ ले जाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी की पहचान रजिंदर सिंह निवासी डबवाली के रूप में हुई है, जो जेल की सुरक्षा में तैनात था।
सहायक जेल सुपरिंटेंडेंट अनु मलिक के अनुसार, प्रशासन को पहले से ही गुप्त सूचना मिल रही थी कि उक्त कांस्टेबल कैदियों तक नशा पहुंचाने में संलिप्त है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से 23.99 ग्राम अफीम, 158 ग्राम तंबाकू और एक पैकेट सिगरेट बरामद किया गया।
इस खुलासे ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पर जेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी हो, अगर वही नशा तस्करी में शामिल हो जाए, तो सिस्टम की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ थाना कैंट में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसके पीछे और कौन-कौन शामिल हैं।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पंजाब में नशे की समस्या कितनी गहरी हो चुकी है, जहां अब जेल जैसी सुरक्षित जगहें भी इससे अछूती नहीं रहीं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में और कितने बड़े नाम सामने आते हैं और प्रशासन इस पर कितनी सख्ती दिखाता है।



















