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रूपनगर के भानुपली क्षेत्र में आनंदपुर साहिब हाइडल नहर ओवरफ्लो, आसपास के गांवों में चिंता का माहौल

रूपनगर । राजवीर दीक्षित

(Anandpur Sahib Hydel Canal Overflows in Bhanupali Area of Rupnagar, Causing Concern in Nearby Villages.)रूपनगर (रोपड़) जिले के भानुपली क्षेत्र के आसपास स्थित गांवों में आज उस समय चिंता का माहौल पैदा हो गया, जब आनंदपुर साहिब हाइडल नहर का एक हिस्सा भानुपली साइफन के पास ओवरफ्लो होने लगा। नहर से पानी बाहर निकलता देख स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

सूत्रों के अनुसार, कुछ ग्रामीणों ने साइफन क्षेत्र में नहर का पानी किनारों से बाहर निकलते देखा। सूचना मिलते ही पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के सिविल विंग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के साथ-साथ आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई शुरू कर दी।

PSPCL के सिविल विंग के कार्यकारी अभियंता (Executive Engineer) अविनाश शर्मा ने बताया कि वह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर ओवरफ्लो के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पानी बाहर आने की वजह क्या रही।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नहर में जमा कचरा इस समस्या का मुख्य कारण हो सकता है। बताया जा रहा है कि बहते पानी के साथ आने वाले प्लास्टिक बैग, बोतलें और अन्य ठोस अपशिष्ट साइफन के पास जमा हो गए, जिससे पानी का प्रवाह बाधित हुआ और नहर ओवरफ्लो होने लगी।

PSPCL के अधिकारियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि नहरों में बढ़ता कचरा लगातार गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। निगम हर महीने नहरों से सैकड़ों टन कचरा और मलबा हटाता है, लेकिन लोगों द्वारा प्लास्टिक और अन्य कचरे को नहरों में फेंकने की प्रवृत्ति अब भी जारी है।

फिलहाल PSPCL की टीमें मौके पर लगातार निगरानी कर रही हैं और नहर को सुरक्षित बनाए रखने के साथ-साथ जल प्रवाह को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। राहत की बात यह है कि समाचार लिखे जाने तक नहर की संरचना को किसी प्रकार का नुकसान होने की सूचना नहीं मिली थी।

गौरतलब है कि आनंदपुर साहिब हाइडल नहर पंजाब की जलविद्युत परियोजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस नहर पर आनंदपुर साहिब और नक्कियां में 100-100 मेगावाट क्षमता वाली दो प्रमुख हाइडल परियोजनाएं स्थापित हैं, जो मिलकर राज्य को 200 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराती हैं। अधिकारियों ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि नहरों में कचरा न फेंकें, क्योंकि इससे जल प्रवाह बाधित होने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

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