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₹657 करोड़ बैंक घोटाला: निलंबित IAS अधिकारी ने रिश्वत लेने से किया इनकार, नियमित जमानत की मांग

चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

(Suspended IAS Officer Denies Bribery in ₹657 Crore Bank Scam, Seeks Bail) ₹657 करोड़ के IDFC First Bank–AU Small Finance Bank घोटाले में न्यायिक हिरासत में चल रहे हरियाणा के निलंबित IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सीबीआई की विशेष अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया है। इस आवेदन पर अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 30 जुलाई तय की है।

22 जून को गिरफ्तारी के बाद से निलंबित चल रहे पंकज अग्रवाल ने अपने जमानत आवेदन में कहा है कि उन्होंने कभी किसी से रिश्वत नहीं मांगी और न ही कोई रिश्वत स्वीकार की। उनका कहना है कि इस मामले में उनकी भूमिका केवल अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्रशासनिक मंजूरी देने तक सीमित थी।

उन्होंने अदालत में कहा कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) का बैंक खाता IDFC First Bank में खोलने की फाइल पर उन्होंने केवल विभागीय प्रस्ताव के आधार पर मंजूरी दी थी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बैंक खाता खोलने से जुड़े किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षरकर्ता नहीं थे।

पंकज अग्रवाल का कहना है कि उन्हें बैंक खाता खोलने के दौरान किसी भी कथित अनियमितता की जानकारी नहीं थी और न ही विभाग के बैंक खातों से कथित फर्जी निकासी के बारे में उन्हें कोई जानकारी थी। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में IDFC First Bank में ₹50 करोड़ की जमा सीमा भी हटा दी गई थी, जिससे यह साबित होता है कि उस समय लिया गया प्रशासनिक निर्णय अपने आप में अवैध नहीं था।

दूसरी ओर, सीबीआई का आरोप है कि पंकज अग्रवाल ने HSSPP और हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) के खाते IDFC First Bank में खुलवाने में अहम भूमिका निभाई। जांच एजेंसी का दावा है कि उन्हें उन संदिग्ध लेन-देन की जानकारी थी, जिनके कारण ₹60.54 करोड़ का नुकसान हुआ।

अपने जमानत आवेदन में पंकज अग्रवाल ने यह भी कहा कि सीबीआई अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष सबूत पेश नहीं कर सकी है, जिससे उन्हें कथित घोटाले या आपराधिक साजिश से जोड़ा जा सके।

उन्होंने सीबीआई पर आरोप लगाया कि वह एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय को आपराधिक साजिश का रूप देने की कोशिश कर रही है। आवेदन में कहा गया है कि केवल इस आधार पर किसी अधिकारी को साजिश का आरोपी नहीं माना जा सकता कि बाद में किसी तीसरे व्यक्ति ने उस प्रशासनिक निर्णय का गलत फायदा उठा लिया।

अब इस बहुचर्चित बैंक घोटाले में पंकज अग्रवाल की जमानत याचिका पर अंतिम फैसला अदालत की आगामी सुनवाई में होगा।

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