द टारगेट न्यूज डेस्क।
(“Happiness Will Enter Your Home and Money Will Pour In! Know the Vastu Rules for Keeping a Shoe Rack “) वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि इसे माता लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का स्थान भी माना जाता है। ऐसे में अगर मुख्य दरवाजे के आसपास रखी चीज़ों का सही ध्यान न रखा जाए तो इसका असर घर की सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। इन्हीं चीज़ों में सबसे अहम है शू रैक। अक्सर लोग घर को तो वास्तु के अनुसार सजाते हैं, लेकिन जूते-चप्पल रखने की सही दिशा और नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर के उत्तर और पूर्व दिशा में कभी भी जूते-चप्पल या शू रैक नहीं रखना चाहिए। इन दिशाओं को सकारात्मक ऊर्जा और धन के देवता कुबेर का स्थान माना जाता है। वहीं पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा शू रैक रखने के लिए सबसे उपयुक्त मानी गई है।
एक और बड़ी गलती जो कई लोग करते हैं, वह है मुख्य दरवाजे के ठीक सामने जूते-चप्पल रखना। मान्यता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी का प्रवेश बाधित होता है और घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए शू रैक हमेशा मुख्य द्वार के एक किनारे पर रखना बेहतर माना जाता है।
वास्तु विशेषज्ञ खुले शू रैक की बजाय बंद या ढके हुए शू रैक का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलने की संभावना कम मानी जाती है और घर भी साफ-सुथरा दिखाई देता है।
इसके अलावा फटे, टूटे या लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाले जूतों को घर में जमा करके नहीं रखना चाहिए। समय-समय पर उन्हें हटाना और सप्ताह में कम से कम एक बार शू रैक की सफाई करना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि साफ-सुथरा और व्यवस्थित शू रैक घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने में सहायक होता है।



















