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GST में बड़ा बदलाव, ₹5 करोड़ तक टैक्स गड़बड़ी पर नहीं चलेगा केस

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित 

(Major GST change: No prosecution for tax irregularities up to ₹5 crore) GST व्यवस्था में कारोबारियों को बड़ी राहत देने वाले फैसले लिए गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई GST काउंसिल की बैठक में क्रिमिनल प्रॉसिक्यूशन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का फैसला किया गया। यानी ₹5 करोड़ से कम की टैक्स गड़बड़ी वाले मामलों में आपराधिक कार्रवाई की गुंजाइश सीमित होगी और मामला पेनल्टी व सिविल प्रक्रिया के तहत निपटाया जा सकेगा।

इसके अलावा ₹10 हजार से कम की टैक्स चोरी के मामलों में नोटिस नहीं देने का प्रावधान किया गया है। छोटे ऑनलाइन कारोबारियों के लिए भी GST नियमों को आसान बनाने के फैसले लिए गए हैं।

गिरफ्तारी की शक्तियों पर बड़ा बदलाव

काउंसिल ने GST कानून के तहत अधिकारियों को मिली गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों और न्यूनतम सजा के प्रावधानों में बदलाव किया है। अब सजा के मामले में अंतिम फैसला अदालत के विवेक पर निर्भर होगा।

सरकार का कहना है कि इससे कारोबारियों को अनावश्यक कार्रवाई से राहत मिलेगी और ‘इंस्पेक्टर राज’ पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

₹5 करोड़ तक के मामलों में राहत

पहले ₹1 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी पर आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई शुरू की जा सकती थी। अब यह सीमा बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है। इससे कम राशि वाले मामलों में कारोबारियों पर सीधे आपराधिक कार्रवाई का दबाव कम होगा।

सही बिल वाले खरीदारों को ITC में राहत

ईमानदारी से कारोबार करने वाले खरीदारों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को लेकर भी राहत का रास्ता खोला गया है। इसके लिए अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जाएगी।

कमेटी यह अध्ययन करेगी कि यदि खरीदार के पास सही इनवॉइस है, उसने सामान प्राप्त किया है और सप्लायर को भुगतान भी कर दिया है, तो सप्लायर की धोखाधड़ी के कारण खरीदार का ITC प्रभावित न हो। कमेटी को तीन महीने में रिपोर्ट देनी होगी।

जनरल पेनल्टी ₹25 हजार से घटकर ₹10 हजार

जिन GST मामलों में कोई अलग पेनल्टी निर्धारित नहीं है, उनमें सामान्य जुर्माने की अधिकतम सीमा ₹25 हजार से घटाकर ₹10 हजार करने का फैसला किया गया है।

इसके साथ ही GST रेट में बार-बार बदलाव से कारोबारियों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए दरों में बदलाव को लेकर भी स्थिरता पर जोर दिया गया है।

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