नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Major blow from RBI! Repo rate at 5.50%, loans to become costlier; inflation forecast also raised) महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बढ़ोतरी है। साथ ही RBI ने अपनी नीति का रुख ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है, जिससे आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की संभावना फिलहाल कमजोर हुई है।
महंगाई का अनुमान बढ़ा
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5% से बढ़ाकर 5.2% कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने बढ़ती खाद्य और ईंधन कीमतों के साथ वैश्विक परिस्थितियों को महंगाई के लिए जोखिम बताया है।
रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर कर्ज की लागत पर पड़ सकता है। बैंक अगर RBI से महंगा पैसा लेते हैं तो होम लोन, कार लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। इससे EMI का बोझ बढ़ने और लोगों के खर्च पर असर पड़ने की संभावना रहती है।
फेस्टिव सीजन की खरीदारी पर असर का डर
अक्टूबर-नवंबर में फेस्टिव सीजन के दौरान आमतौर पर घर, कार और दूसरी बड़ी खरीदारी बढ़ती है। ऐसे में कर्ज महंगा होने से कुछ ग्राहक खरीदारी टाल सकते हैं या कम बजट का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक असर बैंकों की ओर से ब्याज दरों में किए जाने वाले बदलाव पर निर्भर करेगा।
GDP पर RBI की अच्छी खबर
महंगाई की चिंता के बीच अर्थव्यवस्था को लेकर RBI ने राहत भरा अनुमान दिया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया गया है। यानी केंद्रीय बैंक को आर्थिक गतिविधियों में मजबूती की उम्मीद है।
अब आगे क्या?
‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ का संकेत है कि RBI फिलहाल महंगाई पर ज्यादा जोर दे रहा है। निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश कम मानी जा रही है और आगे का फैसला महंगाई, तेल की कीमतों और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।
यानी आम आदमी के लिए संदेश साफ है—महंगाई का दबाव बढ़ा तो कर्ज भी महंगा हो सकता है, जबकि RBI की नजर अब कीमतों पर काबू रखने पर ज्यादा है।

















