नंगल । राजवीर दीक्षित
केमिकल प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि सुबह अचानक हवा में तेज बदबू फैलने लगी। गैस रिसाव की आशंका से घबराए कई लोगों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी मांगी।

लोगों का कहना था कि घटना को लेकर काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही और सभी यह जानना चाहते थे कि आखिर कौन-सी गैस लीक हुई है और क्या इससे स्वास्थ्य को कोई खतरा है।
प्लांट के पास स्थित मॉडर्न एवेन्यू कॉलोनी के निवासी विजय कपिला ने बताया कि सुबह उनके पूरे घर में तेज रासायनिक बदबू भर गई थी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि प्रिमो केमिकल्स प्लांट से क्लोरीन गैस लीक हुई है। उनके अनुसार इलाके के लोग डरे हुए हैं और प्रशासन को तुरंत स्पष्ट करना चाहिए कि वहां रहना सुरक्षित है या नहीं।
इस घटना का असर केवल नंगल शहर तक सीमित नहीं रहा।
प्लांट के आसपास के गांवों के अलावा पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के बिनेवाल गांव के लोगों ने भी तेज रासायनिक गंध महसूस होने की बात कही। गांव के लोगों का कहना है कि गैस रिसाव की खबर फैलते ही पूरे इलाके में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालांकि, Primo केमिकल्स प्रबंधन ने दावा किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कंपनी के उप महाप्रबंधक (डीजीएम) एवं प्रवक्ता भगवती प्रसाद ने बताया कि प्लांट के अंदर क्लोरीन पाइपलाइन में पिन-होल लीकेज हुआ था, जिसे तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि अब लोगों की जान या सुरक्षा को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
यह घटना सामने आने के बाद एक बार फिर प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों की पुरानी चिंताएं भी ताजा हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी कई बार प्लांट से होने वाले उत्सर्जन और गैस रिसाव के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है और भूजल भी प्रभावित हुआ है।
हालांकि, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में हुई जांच में इन आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले थे।
फिलहाल कंपनी ने स्थिति सामान्य होने का दावा किया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सूचना प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की जानकारी कंपनी और जिला प्रशासन द्वारा तुरंत सार्वजनिक की जाए, ताकि अफवाहों और दहशत की जगह लोगों को समय पर सही और विश्वसनीय सूचना मिल सके।



















